MP News: आयकर विभाग और सीबीएसई की अनोखी पहल, हिन्दी-अंग्रेजी में होगी उपलब्ध, वित्तीय साक्षरता के लिए जरूरी फैसला
MP news: आयकर के नियम-कानून समझना सबके बस की बात नहीं। कई बार विशेषज्ञ भी उलझ जाते हैं। ऐसे में आयकर विभाग और केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने वित्तीय साक्षरता की पहल की है। अब बच्चे भी कॉमिक्स पढ़ते-पढ़ते आयकर को जानेंगे। कॉमिक्स की किरदार है 'मधुकर'। यह मधुमक्खी डंक नहीं मारती, नए इनकम टैक्स एक्ट-2025 का ज्ञान बांटती है। सीए पंकज शर्मा ने बताया, स्कूलों से शुरुआत दूरदर्शी कदम है।
यह कॉमिक बुक आयकर अधिनियम 2025 पर आधारित है, जो 1 अप्रेल 2026 से लागू हो चुका है। 60 साल पुराने जटिल कानूनों की जगह अब 'मधुकर' ने ले ली है। अब प्रीवियस ईयर और असेसमेंट ईयर के उलझाव खत्म। मधुकर बच्चों को टैक्स वर्ष (टैक्स ईयर) की सरल अवधारणा समझाएगी।
- सरकार टैक्स क्यों लेती है। उपयोग देश के विकास में कैसे होता है।
-आयकर कैसे और कितना देना होता है, उदाहरण सहित बताया गया है।
- आइटीआर फाइल-4 करने की अहमियत, इसके फायदे।
- टैक्स भरते समय होने वाली गलतियां और बचने के तरीके।
-द्विभाषी: कॉमिक बुक हिन्दी-अंग्रेजी में सीबीएसइ और विभाग के पोर्टल पर मुफ्त उपलब्ध।
स्कूलों में इस पहल को लेकर उत्साह देखा जा रहा है। शिक्षकों का कहना है कि टैक्स जैसे जटिल विषय को कॉमिक्स के जरिए समझाना बच्चों के लिए आसान हो गया है। एक शिक्षक ने बताया बच्चे अब टैक्स को डर की तरह नहीं बल्कि एक सामान्य ज्ञान की तरह देखेंगे।
चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA) पंकज शर्मा का कहना है कि अगर बच्चों को शुरुआती स्तर पर ही टैक्स की समझ दी जाए, तो आने वाले समय में टैक्स कम्प्लायंस बेहतर होगा और टैक्स चोरी जैसी समस्याओं में कमी आएगी।
दरअसल भारत में बड़ी संख्या में लोग आयकर रिटर्न दाखिल नहीं कर पाते। या फिर सही जानकारी के अभाव में गलतियां कर बैठते हैं। ऐसे बचपन से वित्तीय साक्षरता देने का प्रयास आने वाली पीढ़ियों को जिम्मेदार नागरिक बनाने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।
कई शिक्षकों का कहना है कि इस पहल के बाद बच्चे घर जाकर अपने माता-पिता को भी टैक्स से जुड़ी बातें आसानी से समझा देंगे, जिससे पूरे परिवार में आयकर को लेकर जागरुकता बढ़ेगी।