
Gwalior Myanmar Girls Trafficking Case: मध्यप्रदेश के ग्वालियर में मानव तस्करी और अवैध घुसपैठ के एक बड़े और सनसनीखेज मामले का जीआरपी ने पर्दाफाश किया है। जीआरपी म्यांमार (बर्मा) की चार लड़कियों को दस्तयाब किया है, जिन्हें अवैध रूप से भारत लाकर जम्मू-कश्मीर में जबरन शादी कराने की साजिश रची जा रही थी। इस कार्रवाई के दौरान युवतियों को लाने वाले म्यांमार के दो तस्करों को भी गिरफ्तार किया गया है। पकड़ी गई लड़कियों में दो नाबालिग शामिल हैं।
जीआरपी कंट्रोल रूम (भोपाल) को 2 अक्टूबर को सूचना मिली थी कि ट्रेन संख्या 12643 (स्वर्ण जयंती एक्सप्रेस) के जनरल कोच में म्यांमार या बांग्लादेश का एक संदिग्ध सफर कर रहा है, जो मानव तस्करी के एक बड़े नेटवर्क से जुड़ा है। सूचना मिलते ही जीआरपी थाना प्रभारी दीपशिखा सिंह तोमर ने पुलिस बल के साथ ट्रेन की घेराबंदी की और हुलिए के आधार पर मुबीन (25) निवासी म्यांमार (हाल निवासी हैदराबाद) को दबोच लिया। उसके पास संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी उच्चायुक्त का कार्ड मिला है।
आरोपी मुबीन ने पूछताछ में बताया कि उसका साथी मोहम्मद हसन कुछ युवतियों के साथ अलीगढ़ में है। जीआरपी की टीम तुरंत अलीगढ़ के लिए रवाना हुई और फिर वहां पर आरोपी के बताए ठिकाने पर दबिश देकर दूसरे आरोपी मोहम्मद हसन को पकड़ा। जीआरपी ने आरोपी हसन के चंगुल से चार युवतियों को छुड़ाया है, ये चारों म्यांमार की रहने वाली हैं और इनमें से दो नाबालिग हैं। आरोपियों के चंगुल से छुड़ाई गई युवतियों को हिंदी नहीं आती है। वो केवल रोहिंग्या और स्थानीय भाषा ही बोल और समझ पाती हैं, इसलिए पुलिस ने ट्रांसलेटर व गूगल की मदद से उनसे बातचीत की और जानकारी जुटाई। आशंका जताई जा रही है कि पकड़े गए दोनों आरोपी बड़े मानव तस्करी गैंग से जुड़े हो सकते हैं, इसलिए उनसे पूछताछ की जा रही है।