शहर की सडक़ों को गड्ढा मुक्त करने के नाम पर शुरू की गई कायाकल्प योजना खुद अब बदहाली का शिकार हो चुकी है। वर्ष 2023-24 में स्वीकृत हुई 39 में से 19 सडक़े आज भी ऐसी हैं, जिनका निर्माण कार्य अब तक शुरू ही नहीं हो सका है। इससे शहर के पांच लाख से ज्यादा […]
शहर की सडक़ों को गड्ढा मुक्त करने के नाम पर शुरू की गई कायाकल्प योजना खुद अब बदहाली का शिकार हो चुकी है। वर्ष 2023-24 में स्वीकृत हुई 39 में से 19 सडक़े आज भी ऐसी हैं, जिनका निर्माण कार्य अब तक शुरू ही नहीं हो सका है। इससे शहर के पांच लाख से ज्यादा लोग रोज धूल भरी व जर्जर सडक़ से जान जोखिम में डालकर सफर करने को मजबूर हैं। वहीं जर्जर सडक़ होने से आए दिन लोग गिरकर चोटिल होकर अस्पताल पहुंच रहे है। ऐसे में फिलहाल शहर की सडक़े नहीं, बल्कि जनता का धैर्य टूट रहा है।
कायाकल्प योजना से बननी थी 78 सडक़े
प्रदेश सरकार ने शहर की जर्जर सडक़ों को सुधारने के लिए दो साल पूर्व ग्वालियर, पूर्व, दक्षिण और ग्रामीण विधानसभा की 78 सडक़ों को शामिल करते हुए दो चरणों में कार्य करने के लिए कहा था। लेकिन पूर्व विधानसभा को छोडकऱ ग्वालियर, दक्षिण और ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र की 19 सडक़े ऐसी है, जिनका कार्य अफसरों व ठेकेदारों की लापरवाही और मनमानी से आज तक शुरू नहीं हो सका है। इससे पब्लिक में निगम को लेकर खासी नाराजगी है।
मास्टर प्लान सिर्फ फाइलों में
इन सडक़ों को मास्टर प्लान के अनुसार विकसित किया जाना था, लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि कई इलाकों में सडक़े गड्ढे में तब्दील हो चुकी हैं। कहीं धूल उड़ रही है, तो कहीं कीचड़ और जलभराव ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। दो साल गुजर जाने के बाद भी जिम्मेदार विभाग सिर्फ तारीख पर तारीख दे रहा है।
इन सडक़ों पर अब तक नहीं चला रोलर
ग्रामीण विस
-वार्ड 64 में पुलिया से टेहलरी-सिगौरा चौक की सडक़ थी जिसे अब फूलबाग से पड़ाव तक के लिए ट्रांसफर कर दिया गया है।
-वार्ड 64 में मुन्ना यादव के घर से जोर वाले हनुमान मंदिर
ग्वालियर विस
-पाताली हनुमान से बिरला पुल चंदननगर तक
-बृजमोहन तेल मिल से खरगेश्वर मंदिर होते हुए शनिदेव मंदिर (एबी रोड)
-चंदनपुरा से पुराना रेशम मिल
-मानस विहार और विवेक विहार के मार्ग
-किलागेट से घासमंडी चौराहा व माथुर ऑनलाइन तक
-सेंट जॉन स्कूल से पुरानी छावनी तक
दक्षिण विस
-काला सैय्यद से बण्डापुल तक
-दौलतगंज से गुब्बारा फाटक, खुर्जेंवाला मोहल्ला
-सराफा स्कूल से ऊंट पुल वाली सडक़ का अधूरा निर्माण
-नादरिया माता मंदिर से पीपरीधाम स्कूल
-तारागंज पुल से आगे पुल तक
-गश्त का ताजिया से छप्परवाला पुल
-बेटी बचाओ तिराहा से सिकंदर कम्पू
-कंपू बिजलीघर से बेटी बचाओ तिराहा होते हुए गढ़ा तिराहा
-वार्ड 41 में सडक़ सहित अन्य निर्माण कार्य
-खल्लासीपूरा पंप हाउस से नौगजा रोह व आसपास की गलियां
-नया बाजार से कम्पू तिराहा व रॉक्सी पुल से मार्केट तक
निगम की कार्यप्रणाली पर सवाल
स्थानीय लोगों का कहना है कि हर चुनाव में सडक़े मुद्दा बनती हैं, लेकिन काम के नाम पर सिर्फ सर्वे और टेंडर ही होते हैं। दो साल में भी काम शुरू न होना नगर निगम और संबंधित विभागों की कार्यप्रणाली पर बड़ा सवाल खड़ा करता है।
अभी प्रथम चरण में 99 पार्कों की डिजिटल मैपिंग कराई जाएगी। इसके बाद अन्य पार्कों को भी इसी तरह डिजिटल किया जाएगा। इससे पार्कों के रखराखब सहित अन्य कार्यों में भी सुविधा मिलेगी।
संघप्रिय आयुक्त नगर निगम