11 दिन में वसूलने होंगे 16 करोड़, 120 करोड़ वसूली का है लक्ष्य ग्वालियर। वित्तीय वर्ष पूरे होने में भले ही अभी 11 दिन शेष है। लेकि नगर निगम ने संपत्तिकर में 100 करोड़ के आंकड़़ को पार कर लिया है। ऐसा निगम इतिहास में बीते साल के बाद दूसरी बार हुआ है। जब निगम […]
11 दिन में वसूलने होंगे 16 करोड़, 120 करोड़ वसूली का है लक्ष्य
ग्वालियर। वित्तीय वर्ष पूरे होने में भले ही अभी 11 दिन शेष है। लेकि नगर निगम ने संपत्तिकर में 100 करोड़ के आंकड़़ को पार कर लिया है। ऐसा निगम इतिहास में बीते साल के बाद दूसरी बार हुआ है। जब निगम की संपत्तिकर वसूली 100 करोड़ पार हुई है। हालांकि 15वें वित्त की राशि लेने के लिए निगम को 116 करोड़ से ज्यादा की वसूली के लक्ष्य को पूरा करना होगा, तभी उसे केंद्र सरकार से 15वे वित्त की राशि मिल सकेगी। ऐसे में अब 11 दिन में निगम को 16 करोड़ से ज्यादा की वसूली करनी होगी, जो कि काफी मुश्किल लग रही है। लेकिन निगम संपत्तिकर बकायादारों पर सख्ती दिखाए तो बड़ी ही आसानी से वसूली हो सकती है। निगम अफसरों ने बताया कि अभी तक 1,28004 रसीदें काटते हुए 100 करोड़ 50,092 की संपत्तिकर की वसूली हो चुकी है। इसमें 11 करोड़ से ज्यादा का गार्बेज शामिल है। वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए नगर निगम ने 120 करोड़ रुपए का संपत्तिकर वसूली का लक्ष्य तय किया है और अभी 100 करोड़ रुपए की वसूली हो सकी है। वसूली की रफ्तार को देखते हुए पिछले वर्ष के आंकड़े को पार करना फिलहाल निगम के लिए चुनौती बना हुआ है।
1.28 लाख रसीदों पर वसूले 100 करोड़
नगर निगम अफसरों के अनुसार संपत्तिकर वसूली 1 अप्रेल 2025 से अब तक निगम के रिकॉर्ड में 1 लाख 28 हजार रसीदें काटते हुए 100 करोड़ 50,092 की वसूली की जा चुकी हंै। इसमें गार्बेज के 11 करोड़ रुपए भी शामिल है। 15वे वित्त की राशि के लिए 116 करोड़ की वसूली करनी होगी।
ये है विधानसभा वाइज वसूली
-ग्वालियर विधानसभा में 29,300 रसीदें काटते हुए 17 करोड़ की वसूली।
-पूर्व विधानसभा में 52,000 रसीदें काटते हुए 45.91 करोड़ की वसूली।
-दक्षिण विधानसभा में 34,900 रसीदें काटते हुए 17 करोड़, 44 लाख की वसूली।
-ग्रामीण विधानसभा में 12,400 रसीदें काटते हुए 19 करोड़, 42 लाख की वसूली।
वर्ष राशि (करोड़ों में)
2016-17 50.49
2017-18 54.00
2018-19 60.00
2019-20 57.84
2020-21 60.00
2021-22 81.26
2022-23 97.50
2023-24 92.40
2024-25 106.70
2025-26 100.50
राशि मिले तो खत्म हो सकता है वित्तीय संकट
अभी शासकीय विभागों पर 100 करोड़ से ज्यादा और प्राइवेट पर 550 करोड़ संपत्तिकर बकाया है। यदि यह राशि निगम को मिल जाती है तो शहर की सडक़, सीवर, नाले-नालियां,कार्यशाला व वाहनों सहित कई रुके विकास कार्य दोबारा शुरू हो सकते हैं और कर्मचारियों की सैलरी को लेकर बना संकट भी खत्म हो सकता है।
इन शासकीय संस्थानों पर 100 करोड़ का बकाया
निगम रिकॉर्ड के अनुसार कई बड़े शासकीय और अर्धशासकीय संस्थानों पर 100 करोड़ रुपए का संपत्तिकर बकाया है, जिनमें प्रमुख रूप से व्यापार मेला प्राधिकरण, जीवाजी विश्वविद्यालय, कृषि विश्वविद्यालय, रेलवे, पावर ग्रिड कॉर्पोरेशन, एजी ऑफिस, कैंसर अस्पताल, एलएनआईपीई, ट्रिपल आईटीएम, नारकोटिक्स विभाग, माधव प्लाजा, मध्यप्रदेश पर्यटन,हाऊसिंग बोर्ड सहित कई विभाग शामिल हैं।
70 हजार नोटरी तो 50 हजार खाली प्लॉट
निगम के रिकॉर्ड में शहर में 3.51 लाख संपत्तियां दर्ज हैं। इनमें से लगभग 70 हजार संपत्तियां नोटरी वाली,50 हजार खाली प्लॉट, 20 हजार व्यावसायिक संपत्तियां और बाकी रहवासी संपत्तियां है। इसमें से निगम अब तक 1.28 संपत्तियों से 100 करोड़ का टैक्स वसूल पाया है।
अभी हम 100 करोड़ का लक्ष्य पार कर चुके हैं और टीम भी लगातार अच्छा कार्य कर रही है। हम वित्तीय वर्ष खत्म होने से पहले लक्ष्य को पूरा कर लेंगे।
मुनीश सिकरवार अपर आयुक्त नगर निगम