ग्वालियर

एयरपोर्ट से साडा तक बनेगा 8.71 किमी का नया कॉरिडोर, डीपीआर भी फाइनल, नवंबर-दिसंबर में काम शुरू करने की तैयारी

एयरपोर्ट से साडा तक पहुंच अब सीधे और आसान होने वाली है। ग्वालियर विकास प्राधिकरण (जीडीए) ने एयरपोर्ट-साडा कॉरिडोर की डीपीआर फाइनल कर दी है। शासन स्तर से इसका नोटिफिकेशन भी हो चुका है। अब सीईओ की स्वीकृति के बाद इसे बोर्ड बैठक में रखा जाएगा। बोर्ड से मंजूरी मिलते ही टेंडर प्रक्रिया शुरू होगी और नवंबर-दिसंबर में कॉरिडोर का निर्माण शुरू होने की संभावना है।
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Oct 04, 2026
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ग्वालियर. एयरपोर्ट से साडा तक पहुंच अब सीधे और आसान होने वाली है। ग्वालियर विकास प्राधिकरण (जीडीए) ने एयरपोर्ट-साडा कॉरिडोर की डीपीआर फाइनल कर दी है। शासन स्तर से इसका नोटिफिकेशन भी हो चुका है। अब सीईओ की स्वीकृति के बाद इसे बोर्ड बैठक में रखा जाएगा। बोर्ड से मंजूरी मिलते ही टेंडर प्रक्रिया शुरू होगी और नवंबर-दिसंबर में कॉरिडोर का निर्माण शुरू होने की संभावना है। करीब 391.86 करोड़ रुपए की लागत से बनने वाला यह कॉरिडोर साडा क्षेत्र के विकास की तस्वीर बदलने के साथ आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के लिए भी नई कनेक्टिविटी लेकर आएगा। कॉरिडोर की लंबाई 8.71 किलोमीटर और चौड़ाई 40 मीटर रखी गई है। सड़क एयरपोर्ट से शुरू होकर जिगसौली मौजा के शताब्दीपुरम, पुरानी छावनी होते हुए अटल द्वार तक पहुंचेगी। इसके आगे साडा क्षेत्र के ग्राम विक्रमपुर, महू, जमाहर सहित आसपास के क्षेत्र सीधे इससे जुड़ेंगे। कॉरिडोर के दोनों ओर फुटपाथ, सर्विस रोड और ग्रीन बेल्ट विकसित करने की योजना है।

सड़क बनेगी तो दोनों ओर जमीन का इस्तेमाल भी बदलेगा
जीडीए ने कॉरिडोर को सिर्फ सड़क परियोजना तक सीमित नहीं रखा है। पूरे कॉरिडोर के दोनों ओर 200 मीटर क्षेत्र में आवासीय योजनाएं विकसित करने की तैयारी है। इसके साथ छोटे व्यावसायिक केंद्र भी विकसित किए जाएंगे। यानी सड़क बनने के साथ ही इसके आसपास नया आवासीय और कारोबारी क्षेत्र विकसित करने की जमीन तैयार होगी। जीडीए के लिए यह परियोजना भविष्य में आय का बड़ा माध्यम भी बन सकती है।

साडा के उद्योगों को सीधे एयरपोर्ट कनेक्टिविटी
कॉरिडोर बनने का सबसे बड़ा फायदा साडा के औद्योगिक क्षेत्र को मिलने की उम्मीद है। यहां प्रस्तावित टेलीकॉम मैन्युफैक्चङ्क्षरग यूनिट तक एयरपोर्ट से सीधा कनेक्टिविटी मार्ग मिल जाएगा। उद्योगपति और निवेशक एयरपोर्ट से कॉरिडोर के जरिए सीधे साडा पहुंच सकेंगे। इससे साडा में प्रस्तावित औद्योगिक गतिविधियों को गति मिलने के साथ नए प्रोजेक्ट आने की संभावना भी बढ़ेगी।

100 अतिक्रमण किए चिह्नित
कॉरिडोर के निर्माण में मौजूदा अतिक्रमण भी बड़ी बाधा हैं। जीडीए ने ऐसे करीब 100 स्थान चिह्नित किए हैं, जहां निर्माण कार्य में बाधा बनने वाले अतिक्रमण हटाए जाएंगे। परियोजना को जमीन पर उतारने के लिए अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई स्वीकृति और निर्माण प्रक्रिया के साथ आगे बढ़ाई जाएगी। इससे सड़क के लिए प्रस्तावित चौड़ाई में निर्माण कार्य का रास्ता साफ होगा।

279.73 हेक्टेयर जमीन होगी अधिग्रहित
कॉरिडोर के लिए एयरपोर्ट से लेकर महू, जमाहर, जलालपुर और पुरानी छावनी क्षेत्र से जुड़ी करीब 279.73 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण किया जाएगा। जमीन अधिग्रहण के बाद सड़क का पूरा स्वरूप विकसित किया जाएगा। परियोजना में आने वाली जमीन और निर्माण क्षेत्र को व्यवस्थित करने के साथ सड़क के दोनों ओर जरूरी सुविधाएं भी विकसित होंगी।

एयरपोर्ट से साडा तक बनने वाले नए कॉरिडोर की डीपीआर फाइनल हो चुकी है। इसे सीईओ की स्वीकृति के बाद बोर्ड मीङ्क्षटग में रखा जाएगा। हरी झंडी मिलते ही टेंडर प्रक्रिया पूरी कर काम शुरू कर दिया जाएगा। इससे ग्रामीण इलाकों को लाभ मिलेगा और निर्माण में बाधा बनने वाले अतिक्रमणों को भी हटाया जाएगा।
सतेंद्र तोमर, सिटी प्लानर, जीडीए

Updated on:
04 Oct 2026 06:01 pm
Published on:
04 Oct 2026 06:01 pm