ग्वालियर

अब अंदाज नहीं, सैटेलाइट बताएगा ग्वालियर का भूजल स्तर, सूखते बोरिंग का पहले मिलेगा संकेत, हॉटस्पॉट की होगी तत्काल पहचान

अब भूजल स्तर का आकलन अनुमान या पारंपरिक तरीकों से नहीं, बल्कि सैटेलाइट आधारित डिजिटल तकनीक से किया जाएगा। केंद्रीय भूजल बोर्ड ने ग्वालियर, भिण्ड और मुरैना में भूजल स्तर और पानी की गुणवत्ता की निगरानी के लिए 35 डिजिटल पीजोमीटर लगाने की योजना शुरू की है। इनमें से 21 पीजोमीटर ग्वालियर जिले में स्थापित किए जा चुके हैं।
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Jul 23, 2026
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ये उपकरण टेलीमीटरी सिस्टम के जरिए सीधे सैटेलाइट से जुड़े रहेंगे

ग्वालियर. अब भूजल स्तर का आकलन अनुमान या पारंपरिक तरीकों से नहीं, बल्कि सैटेलाइट आधारित डिजिटल तकनीक से किया जाएगा। केंद्रीय भूजल बोर्ड ने ग्वालियर, भिण्ड और मुरैना में भूजल स्तर और पानी की गुणवत्ता की निगरानी के लिए 35 डिजिटल पीजोमीटर लगाने की योजना शुरू की है। इनमें से 21 पीजोमीटर ग्वालियर जिले में स्थापित किए जा चुके हैं। इन आधुनिक उपकरणों से अधिकारियों को हर घंटे भूजल स्तर का लाइव डेटा मिलेगा, जिससे जल संकट वाले क्षेत्रों की समय रहते पहचान कर आवश्यक कदम उठाए जा सकेंगे।

18 लाख आबादी के भरोसे था एक खराब पीजोमीटर

अब तक ग्वालियर नगर निगम क्षेत्र में भूजल स्तर मापने के लिए थाटीपुर स्थित कार्यालय में केवल एक पीजोमीटर था, जो लंबे समय से खराब पड़ा था। ऐसे में निगम का अमला 2,603 बोरिंग और 1,979 हैंडपंपों का जलस्तर पाइप डालकर अनुमान के आधार पर जांचता था। इसका नतीजा यह रहा कि कई इलाकों में अचानक बोरिंग और हैंडपंप सूखने की स्थिति सामने आती रही।

हर घंटे मिलेगा लाइव अपडेट
-कलेक्टर, नगर निगम, जल संसाधन विभाग और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ऑनलाइन निगरानी कर सकेंगे।
-जहां भूजल तेजी से गिरेगा या पानी की गुणवत्ता खराब होगी, वहां तुरंत हॉटस्पॉट चिन्हित कर सुधारात्मक कार्रवाई की जाएगी।

44 मॉनिटरिंग पॉइंट तक बढ़ा नेटवर्क
केंद्रीय भूजल बोर्ड ने जिले में मॉनिटरिंग व्यवस्था को मजबूत करते हुए निगरानी ङ्क्षबदुओं की संख्या 18 से बढ़ाकर 44 कर दी है। इसके अलावा 2,500 से अधिक स्थानों पर डिजिटल वॉटर लेवल रिकॉर्डर के माध्यम से भूजल स्तर और गुणवत्ता की निगरानी की जाएगी।

इन क्षेत्रों में लगाए गए पीजोमीटर
जंगीपुर, थाटीपुर, अलीनगर, पुरानी छावनी, बहोड़ापुर, मोहनपुर, पिपरोली, वीरपुर, घाटीगांव (पनिहार, सुमेरपाड़ा, काकरी, गोटीना, गणेशपुरा, नयागांव), भितरवार (बागवई) तथा कृषि विज्ञान केंद्र सहित 21 स्थानों पर पीजोमीटर स्थापित किए गए हैं।

ऐसे काम करेगी हाईटेक प्रणाली
नए डिजिटल पीजोमीटर भू-तकनीकी सेंसर से लैस हैं, जो जमीन के भीतर भूजल स्तर (पीजोमेट्रिक लेवल) और पानी के दबाव को सटीक मापेंगे। ये उपकरण टेलीमीटरी सिस्टम के जरिए सीधे सैटेलाइट से जुड़े रहेंगे।

सटीक डाटा मिलेगा
जिले के उन क्षेत्रों में पीजोमीटर लगाए गए हैं, जहां भूजल स्तर में लगातार बदलाव दर्ज हो रहा है। इससे हर घंटे सटीक डेटा मिलेगा और भूजल संरक्षण के साथ प्रदूषण नियंत्रण में भी मदद मिलेगी।
राकेश सिंह, वरिष्ठ वैज्ञानिक, केंद्रीय भूजल बोर्ड

Updated on:
23 Jul 2026 06:13 pm
Published on:
23 Jul 2026 06:12 pm