Indian Railway: अब आरक्षित सीटों पर किसी दूसरे यात्री को बैठने की अनुमति नहीं दी जाएगी....
Indian Railway: ट्रेनों में आरक्षित सीटों पर अनधिकृत यात्रियों के बैठने और विवाद की लगातार मिल रही शिकायतों के बाद रेलवे ने सख्त कदम उठाया है। प्रयागराज मंडल के निर्देश पर विशेष स्क्वाड व्यवस्था लागू की गई है, जिसके तहत अब आरक्षित सीटों पर किसी दूसरे यात्री को बैठने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
इस नई व्यवस्था से नियमित यात्रियों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। नई व्यवस्था के तहत छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस, महाकौशल एक्सप्रेस और दादर-अमृतसर एक्सप्रेस में ग्वालियर से विशेष स्क्वाड ने जांच अभियान चलाया। इसके साथ ही ग्वालियर से गुजरने वाली अन्य ट्रेनों को भी आगे की कार्रवाई के लिए चिन्हित किया गया है।
सीनियर डीसीएम झांसी मंडल अमन वर्मा ने बताया कि यात्रियों की शिकायतों को ध्यान में रखते हुए स्क्वाड बनाए गए हैं। यह अभियान लगातार चलेगा, ताकि आने वाले समय में यात्रियों को स्पष्ट बदलाव महसूस हो सके।
सीटीआई, टीटीई और आरपीएफ की संयुक्त विशेष टीम पहली बार तैनात की गई है। करीब 10 रेलवे कर्मचारी तीन ट्रेनों में एक साथ जांच करेंगे। यह टीम प्रत्येक स्टेशन से लगभग 100 किलोमीटर तक सघन जांच करेगी। पहले जांच केवल टीटीई तक सीमित थी और दायरा कम रहता था। नए स्क्वाड सिस्टम से अनधिकृत यात्रियों पर नियंत्रण होगा और आरक्षित यात्रियों को उनकी सीट का पूरा अधिकार मिल सकेगा। गुरुवार को इस अभियान में रेलवे अधिकरियों ने 57 केस बनाए हैं जिसमें 25240 का जुर्माना वसूल है।
वेटिंग टिकट पर नो एंट्री: वेटिंग लिस्ट या आंशिक रूप से कन्फर्म टिकट वाले यात्री अब आरक्षित डिब्बों में नहीं जा पाएंगे।
जुर्माना और कार्रवाई: यदि कोई वेटिंग टिकट वाला यात्री आरक्षित कोच में पाया जाता है, तो उसे जुर्माना देना होगा या कोच से बाहर किया जा सकता है।