
ग्वालियर. प्रदेश के साथ ही ग्वालियर-चंबल संभाग के चुङ्क्षनदा कॉलेजों में नए शिक्षा सत्र से पेपर लेस परीक्षा की शुरूआत की जाएगी। प्रश्न पत्र ऑनलाइन उपलब्ध रहेगा और विद्यार्थियों को भी उत्तर इसी तरह से देने होंगे। इसके लिए यूजीसी के इंस्टीट््यूशनल डेवलपमेंट प्लान (आईडीपी) में पेपर लेस परीक्षाएं आयोजित कराए जाने के निर्देश दिए गए हैं। इसे प्रदेशभर में पहले तीन चरणों में लागू किया जाएगा। इसके लिए उच्च शिक्षा विभाग ने प्रक्रिया आरंभ कर दी है।
फिलहाल पीजी में, बाद में ऑटोनॉमस में लागू
उच्च शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने बताया कि उच्च शिक्षा उत्कृष्टता संस्थान (आईईएचई) से इसकी शुरूआत पायलट प्रोजेक्ट के रूप में की जाएगी। शुरुआत में यह केवल पीजी में होगा। इसके बाद यह प्रयोग सफल होता है तो इसे ऑटोनॉमस कॉलेजों में पीजी परीक्षाओं में लागू किया जाएगा। इस तरह से यह तीन चरणों में लागू किया जाएगा और बाद में अन्य कॉलेजों में भी इसकी शुरूआत की जाएगी।
संस्थानों में देखने को मिलेंगे बदलाव
इंस्टीट््यूशनल डेवलपमेंट प्लान (आईडीपी) के माध्यम से संस्थानों में कई अन्य तरह के बदलाव भी किए जाएंगे। इसमें प्रत्येक कॉलेज के लिए वीडियो डॉक्यूमेंटेशन, ऑनलाइन ओपन पब्लिकेशन सिस्टम, प्लेगरिज्म सॉफ्टवेयर सुविधा, हर कोर्स के लिए ऑनलाइन ब्लॉग की उपलब्धता शामिल है। इंस्टीट््शनल एक्सीलेंस के लिए तय किए गए पैमानों में भी इन्हें शामिल किया है।
डिजिटल एग्जाम को बढ़ावा देना
आईडीपी के तहत डिजिटल एग्जाम को बढ़ावा देने की मुख्य वजह यह है कि जिस तरह से कई शासकीय कार्यालय पेपर लेस हो रहे हैं, ठीक उसी तरह अब परीक्षाएं भी डिजिटल आयोजित की जाएं। इससे विभाग को भी राहत मिलेगी।