ग्वालियर

अब मेयर, पार्षद, वार्ड पार्षद को सफाई के लिए जिम्मेदार, नियमों के पालन में उनकी भी जवाबदेही होगी तय

शहर में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन (सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट) की व्यवस्था को लेकर हाईकोर्ट की ग्वालियर खंडपीठ ने नगर निगम से विस्तृत रिपोर्ट तलब की है। कोर्ट ने निर्देश दिए हैं कि अगली सुनवाई से पहले सभी वार्डों में कचरा संग्रहण की स्थिति का पूरा विवरण तालिका के रूप में प्रस्तुत किया जाए। सुनवाई के दौरान […]

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Mar 12, 2026

शहर में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन (सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट) की व्यवस्था को लेकर हाईकोर्ट की ग्वालियर खंडपीठ ने नगर निगम से विस्तृत रिपोर्ट तलब की है। कोर्ट ने निर्देश दिए हैं कि अगली सुनवाई से पहले सभी वार्डों में कचरा संग्रहण की स्थिति का पूरा विवरण तालिका के रूप में प्रस्तुत किया जाए। सुनवाई के दौरान अमिकस क्यूरी एस.के. श्रीवास्तव ने सुप्रीम कोर्ट के 19 फरवरी 2026 के आदेश का हवाला दिया। सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट नियम-2026 की व्याख्या करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि इन नियमों के प्रभावी क्रियान्वयन की जिम्मेदारी अब केवल नगर निगम तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि जनप्रतिनिधियों और राज्य सरकार के अधिकारियों पर भी होगी। अब कलेक्टर सहित प्रशासनिक अधिकारी, मेयर, पार्षद, अध्यक्ष और वार्ड सदस्य जैसे जनप्रतिनिधियों को कचरे के स्रोत स्तर पर पृथक्करण के लिए प्रमुख जिम्मेदार बनाया गया है। इसके लिए विस्तृत व्यवस्था भी तय की गई है। साथ ही नियमों का पालन न करने पर आपराधिक जिम्मेदारी तय किए जाने का प्रावधान भी किया गया है।

दरअसल सरताज सिंह ने केदारपुर लैंडफिल साइट पर लगे कचरे के ढेर व शहर की सफाई व्यवस्था पर हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर की है। कोर्ट के आदेश के पालन में नगर निगम की ओर से बताया गया कि शहर के 66 वार्डों में से 36 वार्डों में कचरा संग्रहण की व्यवस्था पूरी तरह लागू है। जिन क्षेत्रों में ट्रिपर वाहन पहुंच सकते हैं, वहां लगभग 90 प्रतिशत क्षेत्र से रोजाना कचरा उठाया जा रहा है, जबकि संकरी गलियों वाले करीब 10 प्रतिशत क्षेत्र से दो दिन में एक बार कचरा उठाया जाता है। कुछ जगहों पर ट्रिपर की जगह हाथगाड़ियों का उपयोग किया जा रहा है। अदालत में यह भी बताया गया कि शेष 30 वार्डों में भी लगभग इसी तरह की व्यवस्था लागू की जा रही है, लेकिन इसका पूरा डेटा फिलहाल उपलब्ध नहीं है। इस पर कोर्ट ने निगम को निर्देश दिया कि सभी 66 वार्डों का वार्डवार कचरा उठाने की मात्रा और कवरेज का पूरा ब्यौरा तालिका के रूप में पेश किया जाए।

15 लाख हुए जमा

-नगर निगम ने बताया गया कि स्वच्छता से संबंधित गतिविधियों के लिए नगर निगम ने एक विशेष खाता खोला है, जिसमें पहले करीब 3.05 लाख रुपए थे, जो अब बढ़कर लगभग 15.90 लाख रुपए हो गए हैं। इससे स्पष्ट है कि नागरिक भी इस अभियान में सहयोग कर रहे हैं और नियमों के उल्लंघन पर जुर्माना भी लगाया जा रहा है।

-हाईकोर्ट ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देश सभी अदालतों और अधिकारियों पर बाध्यकारी हैं, इसलिए संबंधित विभागों को अधिक सतर्क और सक्रिय रहकर कचरा प्रबंधन व अपशिष्ट प्रसंस्करण की व्यवस्था को प्रभावी बनाना होगा।

Published on:
12 Mar 2026 11:07 am
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