ग्वालियर

#gwalior : बुकिंग पुरानी, दाम नया…जनता परेशान, हॉकर्स से किचकिच जारी!

‘अरे भैया, हमने तो दो दिन पहले गैस सिलेंडर बुक किया था, तब रेट 996.50 रुपए था। अब आप 1025.50 रुपए मांग रहे हो? हम तो पुराना रेट ही देंगे, एक रुपया ऊपर नहीं देंगे!’ रविवार को शहर के गली-मोहल्लों...

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Jun 08, 2026
gas cylinder Hawkers
gas cylinder Hawkers

ग्वालियर में एलपीजी सिलेंडर 29 रुपए महंगा, बुकिंग के वक्त का रेट मानने को तैयार नहीं सॉफ्टवेयर, डीलरों की चांदी

ग्वालियर. ‘अरे भैया, हमने तो दो दिन पहले गैस सिलेंडर बुक किया था, तब रेट 996.50 रुपए था। अब आप 1025.50 रुपए मांग रहे हो? हम तो पुराना रेट ही देंगे, एक रुपया ऊपर नहीं देंगे!’ रविवार को शहर के गली-मोहल्लों में घरेलू गैस सिलेंडर सप्लाई करने पहुंचे हॉकर्स को कुछ इसी तरह के तीखे सवालों और ‘चिकचिक’ का सामना करना पड़ा। वजह साफ है, बिना किसी पूर्व सूचना के एलपीजी के दामों में 29 रुपए की सीधी बढ़ोतरी कर दी गई है। अब जो सिलेंडर कल तक हजार रुपए से कम का था, उसके लिए जेब से 1025.50 रुपए ढीले करने पड़ रहे हैं। सबसे ज्यादा गुस्सा उन उपभोक्ताओं में है जिन्होंने दो-तीन दिन पहले बुङ्क्षकग की थी, लेकिन डिलीवरी रविवार को हुई।

खेल समझिए: दाम बदलते ही सॉफ्टवेयर ‘लॉक्ड’

ग्वालियर-चंबल एलपीजी फेडरेशन के कॉर्डिनेटर श्यामानंद शुक्ला ने बताया, सुबह से ही उपभोक्ताओं के फोन आ रहे हैं। हर कोई एक ही दलील दे रहा है कि बुकिंग के समय जो रेट था, वही लिया जाए। लेकिन इसमें गैस डीलर या हॉकर के हाथ में कुछ नहीं है। जैसे ही कंपनी दाम बदलती है, सॉफ्टवेयर में तुरंत नया रेट अपडेट हो जाता है। डिलीवरी के वक्त जो सॉफ्टवेयर में दिखेगा, वही बिल कटेगा।

एक झटके में डीलरों की ‘चांदी’: 2.90 लाख रुपए का सीधा मुनाफा!

दाम बढऩे का यह खेल सिर्फ जनता की जेब पर भारी नहीं पड़ा, बल्कि गैस डीलरों के लिए ‘चांदी’ साबित हुआ है। आइए गणित समझते हैं:

विवरण--------------------------------------------------------------आंकड़े
कुल गैस एजेंसियां (ग्वालियर में) -------------------------------40 एजेंसियां (3 बड़ी कंपनियां)
औसत स्टॉक प्रति एजेंसी-----------------------------------------लगभग 250 सिलेंडर
शहर में कुल स्टॉक (अनुमानित)--------------------------------10,000 सिलेंडर
प्रति सिलेंडर बढ़ोतरी-----------------------------------------------29 रुपए
डीलरों को रातों-रात कुल फायदा----------------------------------2,90,000 (लगभग 2.90 लाख)
(नोट : हालांकि, डीलरों का तर्क है कि जब दाम घटते हैं, तो इसी अनुपात में उन्हें रातों-रात घाटा भी उठाना पड़ता है।)

पत्रिका व्यू… नियम में बदलाव की है दरकार…

जब उपभोक्ता किसी वस्तु को उस समय की तय कीमत पर बुक करता है, तो डिलीवरी के वक्त बढ़ा हुआ दाम वसूलना न्याय संगत नहीं लगता। रेलवे से लेकर इ-कॉमर्स कंपनियां बुङ्क्षकग के समय का ही प्राइस लेती हैं। पेट्रोलियम कंपनियों को भी अपने सॉफ्टवेयर में यह सुधार करना चाहिए कि जिस दिन बुङ्क्षकग, उसी दिन का रेट लागू हो, ताकि न तो जनता को झटका लगे और न ही डिलीवरी करने वाले हॉकर्स को रोज-रोज की किचकिच झेलनी पड़े।

Published on:
08 Jun 2026 06:14 pm