
ग्वालियर। झांसी रोड स्थित शासकीय हरिदर्शन स्कूल में मंगलवार शाम साढ़े चार बजे पांच क्विंटल का लोहे का गेट गिरने से कक्षा तीन के छात्र की दर्दनाक मौत हो गई। स्कूल का यह गेट टूटा था, जो पिलर से टिका हुआ था, जैसे ही छात्र छुट्टी के बाद बाहर निकला उस पर गेट गिर गया। उसके सिर में गंभीर चोट आई थी और काफी खून बह गया था।
सूचना मिलने पर पुलिस की एफआरवी मौके पर पहुंची, जिससे स्कूल के हेडमास्टर धर्मवीर यादव बच्चे को लेकर जेएएच पहुंचे,जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। सूचना मिलने पर परिजन जेएएच पहुंच गए। मासूम बेटे की मौत से मां का बुरा हाल था, पिता भी बेसुध हो गए। रोहित के चार बहनें व दो भाई हैं।
दो बहनों में एक भाई
हरिदर्शन स्कूल परिसर में प्राइमरी स्कूल संचालित होता है, इसमें कक्षा तीन में रोहित वंशकार (८) पुत्र मनोज वंशकार निवासी नाका चंद्रबदनी अपनी छोटी बहन तमन्ना के साथ पढ़ता था। शाम को स्कूल की छुट्टी होने पर रोहित और तमन्ना को लेने के लिए बड़ी बहन रोशनी स्कूल पहुंची।
वह दोनों को लेकर स्कूल से निकल रही थी, भाई रोहित दोनों बहनों से कुछ आगे था, जैसे ही वह गेट पर पहुंचा, तभी गेट अचानक उस पर गिर गया। यह देखकर दोनों बहनें घबराकर रोने लगीं। उस समय स्कूल में किसी काम से पहुंचे मनोज नामक युवक ने बच्चे पर गेट गिरा देखा तो दौड़ कर गेट उठाने का प्रयास किया, लेकिन बहुत वजन होने के कारण वह गेट नहीं उठा सका। स्कूल के स्टाफ को पता चलने पर सभी दौड़ कर पहुंचे और गेट उठाया।
खबर सुनते ही भाग गया स्टाफ
छात्र की मौत की सूचना मिलने के बाद स्कूल का स्टाफ धीरे-धीरे मौके से भाग निकला। न तो स्कूल में कोई था, न अस्पताल में। बच्चे को लेकर जेएएच गए हेडमास्टर भी वहां से खिसक गए। जिला प्रशासन, शिक्षा विभाग का कोई भी अधिकारी मौके पर जानकारी लेने नहीं पहुंचा। इस पर छात्र के ताऊ चेतराम ने आक्रोश जताया। उन्होंने कहा कि स्कूल वालों को छात्रों की फिक्र नहीं है।
छात्र ने छुआ भी नहीं गेट
छात्र गेट से करीब तीन से चार फीट दूर से निकल रहा था। मौके पर देखकर यह बात स्पष्ट होती है कि उसने गेट को टच नहीं किया। गेट टूटा हुआ था, जो पिलर के सहारे खड़ा था। उसका लोहे का सपोर्टर जंग खाकर टूट कर गिरा।
यह जिम्मेदार
रोहित की मौत के जिम्मेदार संकुल केंद्र व लोक निर्माण विभाग के अफसर हैं। स्कूल के अंदर संकुल प्राचार्य नम्रता सक्सेना बैठती हैं, वहीं स्कूल के पास में ही लोनिवि के सब इंजीनियर का दफ्तर है। सरकारी बिल्डिंगों की मरम्मत की मॉनिटरिंग की जिम्मेदारी लोनिवि के कार्यपालन यंत्री बीएस गुर्जर की है। गेट काफी समय से टूटा था और पिलर के सहारे टिका था, इसे ठीक कराने की जिम्मेदारी इन लोगों की थी।