
नरेन्द्र कुइया @ ग्वालियर
अगर आपके मोबाइल फोन पर ऐसा कोई कॉल आए कि आपका नंबर ऑफर के अंतर्गत चुना गया है और 14 हजार रुपए का मोबाइल फोन सिर्फ 4 हजार रुपए देकर प्राप्त कर सकते हैं, तो सावधान हो जाइए। शहर में इन दिनों ठगी के फर्जीवाड़े का ये खेल जोरों पर चल रहा है। डाकघरों के जरिए भेजे जाने वाले पार्सल यदि कोई व्यक्ति मंगा लेता है तो उसमें मोबाइल फोन की जगह भगवान की तस्वीर या फोटो फ्रेम ही निकलती है। ऐसे में जिस व्यक्ति ने इसे मंगवाया है वह ठगी का शिकार बनकर अपना सिर पीट लेता है। दिल्ली स्थित कॉल सेंटर से इस तरह का फर्जीवाड़ा चलाया जा रहा है और शहर में औसतन हर रोज ऐसे 200 से अधिक पार्सल आ रहे हैं। पत्रिका रिपोर्टर के पास भी ऐसा ही कॉल सेंटर से कॉल आया, कॉल करने वाले व्यक्ति ने अपना नाम अभिषेक बताया। रिपोर्टर ने एक आम ग्राहक बनकर पार्सल की बुकिंग की और संबंधित डाकघर पर जाकर पार्सल को देखा।
सीओडी से डाकघरों को मिलते हैं 50 रुपए
शहर में ग्वालियर सिटी, बिरला नगर, ग्वालियर फोर्ट, महाराजपुरा, ग्वालियर रेल्वे स्टेशन, ग्वालियर रेसीडेंसी, द्वारिकापुरी, लश्कर सिटी जयेंद्रगंज, मोतीमहल, महाराज बाड़ा और मुरार पोस्ट ऑफिस पर इस तरह के पार्सल आ रहे हैं। जानकारी के मुताबिक इस तरह के पार्सल जिन्हें सीओडी (कैश ऑन डिलीवरी) कहा जाता है और ये वजन के हिसाब से भेजे जाते हैं। ऐसे एक पार्सल पर डाक विभाग को करीब 50 रुपए मिलते हैं। ऐसे पार्सल के जरिए मोबाइल फोन, जूते, साड़ी आदि का प्रलोभन देकर लोगों को ठगने का काम बदस्तूर जारी है।
| 200 से अधिक रोज आ रहे पार्सल |
| 10 से अधिक डाकघरों में रोज सप्लाई |
" फोन पर बातचीत के अंश, पत्रिका रिपोर्टर पर भी आया कॉल सेंटर से कॉल"
ठग बोला- 5 थानों से होकर निकलता है पार्सल, आप चिंता मत करिए सर
(पांच दिनों के बाद रिपोर्टर की ओर से बुक किया गया पार्सल संबंधित डाकघर पर पहुंच जाता है और वहां से रिपोर्टर को फोन आता है कि आपका पार्सल आया है और रुपए देकर आप इसे ले जाइए। रिपोर्टर डाकघर जाकर पार्सल लेने से मना कर देता है, तब डाकघर की ओर से पार्सल पर लेने से इनकार लिखकर उसे वापस भेज दिया जाता है।)
रोज आ रहे 10 पार्सल
हर रोज ऐसे करीब 10 पार्सल हमारे पास आते हैं। रुपए लेने के बाद ही पार्सल भुगतान का नियम है। कई बार लोगों को समझाते भी हैं, पर कई लोग नहीं मानते हैं और ठगी का शिकार बन जाते हैं।
उमेश चंद चिरगैया, पोस्ट मास्टर, ग्वालियर सिटी डाक घर
खुद जागरूक होना चाहिए
हमारे डिलीवरी ऑफिस में जो पार्सल आते हैं उन्हें पेमेंट लेकर दे दिया जाता है। हम ये पता नहीं कर सकते कि ये फर्जी है या नहीं। हमारे पास बंद पैकेट आता है और वही मंगाने वाले को देना होता है। यदि वह नहीं लेता है तो उसे वापस उसी जगह भेज दिया जाता है। लोगों को खुद जागरूक होना चाहिए क्योंकि इस तरह के ऑफर में चार हजार रुपए में ब्रांडेड सामान कोई कैसे दे सकता है।
एसके ठाकरे, प्रवर अधीक्षक, डाक विभाग
तस्वीर निकली
मुझे भी दिल्ली से इसी तरह का फोन आया था और मैंने मोबाइल फोन की बुकिंग की थी। डाकघर पहुंचकर चार हजार रुपए का भुगतान भी किया और जब घर आकर पार्सल को खोला तो उसमें से भगवान की तस्वीर निकली। बाद में डाकघर गया और कॉल सेंटर पर फोन किया लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई।
सतीश सिंह कुशवाह, कंपू