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सुबह 8 बजे तक बेधड़क दौड़ रहीं ओवरलोड रेत ट्रॉलियां, स्कूली बच्चों की जान सांसत में

ग्वालियर में सुबह स्कूल टाइम के दौरान ओवरलोड रेत ट्रैक्टर-ट्रॉलियों की आवाजाही से सड़क सुरक्षा को लेकर सवाल उठ रहे हैं। अधिक भार के कारण वाहनों के असंतुलित होकर पलटने का खतरा बना हुआ है।
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ग्वालियर में सुबह स्कूल टाइम के दौरान सड़क पर दौड़ती ओवरलोड रेत ट्रैक्टर-ट्रॉली photo patrika

सुबह के समय शहर की सड़क पर क्षमता से अधिक रेत लेकर गुजरती ट्रैक्टर-ट्रॉली।

ग्वालियर। शहर की सड़कों पर सुबह के व्यस्त समय में ओवरलोड रेत से भरे ट्रैक्टर-ट्रॉलियों की आवाजाही राहगीरों और स्कूली बच्चों के लिए खतरा बन रही है। सुबह करीब 7 से 8 बजे के बीच जब शहर की मुख्य सड़कों पर स्कूल जाने वाले बच्चों और कामकाजी लोगों की आवाजाही बढ़ जाती है, उसी समय रेत से लदे कई ट्रैक्टर-ट्रॉली तेज रफ्तार में निकलते दिखाई देते हैं। क्षमता से अधिक रेत भरी होने के कारण इनके अनियंत्रित होकर पलटने या धंसने का खतरा बना रहता है।

सबसे ज्यादा चिंता इस बात को लेकर है कि सुबह के इसी समय बड़ी संख्या में स्कूली बसें, ऑटो, वैन और दोपहिया वाहन सड़कों पर होते हैं। कई बच्चे अभिभावकों के साथ दोपहिया वाहनों से स्कूल जाते हैं। ऐसे में यदि ओवरलोड ट्रॉली का संतुलन बिगड़ता है तो आसपास से गुजर रहे वाहन और राहगीर इसकी चपेट में आ सकते हैं।

समय सीमा खत्म होने से पहले निकलने की होड़

रेत परिवहन करने वाले वाहन सुबह तय समय सीमा के भीतर शहर से निकलने की जल्दबाजी में तेज रफ्तार से चलते हैं। ट्रॉलियों में क्षमता से अधिक रेत भरने के साथ ही तेज गति का यह संयोजन दुर्घटना का खतरा बढ़ा देता है। मोड़ पर अत्यधिक भार के कारण ट्रैक्टर का अगला पहिया ऊपर उठने या ट्रॉली के एक तरफ झुकने जैसी स्थिति भी बन सकती है।

स्थानीय स्तर पर लंबे समय से ओवरलोड और नियम विरुद्ध रेत परिवहन को लेकर कार्रवाई की जरूरत बताई जा रही है। इसके बावजूद शहर के प्रमुख चौराहों और प्रवेश मार्गों पर तैनात पुलिसकर्मियों की निगरानी को लेकर सवाल उठ रहे हैं। खनिज विभाग की ओर से भी लगातार अभियान चलाकर ऐसे वाहनों की जांच और जब्ती किए जाने की जरूरत है।

दोगुनी-तिगुनी रेत से बढ़ रहा खतरा

रेत से भरी कुछ ट्रॉलियों में निर्धारित क्षमता से कहीं अधिक भार लादे जाने की शिकायत है। अत्यधिक वजन के कारण वाहन के पहियों पर दबाव बढ़ जाता है। सड़क के गड्ढे, मोड़ या अचानक ब्रेक लगाने की स्थिति में ट्रॉली का संतुलन बिगड़ सकता है। कई बार पहिए सड़क में धंसने से वाहन अनियंत्रित होने का खतरा भी रहता है।

शहर में सुबह स्कूलों के आसपास और प्रमुख मार्गों पर ट्रैफिक का दबाव अधिक रहता है। ऐसे समय में भारी और ओवरलोड वाहनों की आवाजाही पर विशेष निगरानी जरूरी है, ताकि किसी संभावित हादसे को रोका जा सके।

कार्रवाई का दावा

खनिज विभाग का कहना है कि अवैध रेत परिवहन के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है और ऐसे वाहनों को जब्त भी किया गया है। हालांकि, सुबह के व्यस्त समय में ओवरलोड ट्रॉलियों की लगातार आवाजाही से मैदानी स्तर पर निगरानी और कार्रवाई को लेकर सवाल बने हुए हैं।

इनका कहना है

“रेत के अवैध परिवहन के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है और वाहन भी जब्त किए हैं।”

पंकजध्वज मिश्रा, प्रभारी खनिज अधिकारी