
gwalior chetakpuri road
ग्वालियर. सडक़ में अचानक गहरी सुरंग धंसने से पूरे देश में बदनाम हुई ग्वालियर की वीआइपी चेतकपुरी सडक़ के निर्माण और पैचवर्क में नगर निगम व ठेकेदारों की मिलीभगत से हुए भ्रष्टाचार की परतें अब हाईकोर्ट में तार-तार हो गई हैं। जीवाजी क्लब (चेतकपुरी रोड) से फूलबाग चौपाटी तक हाल ही में बनी सडक़ से हाईकोर्ट कमीशन द्वारा उठाए गए सभी 8 सैंपल तकनीकी मानकों पर पूरी तरह फेल पाए गए हैं।
जांच में सबसे चौंकाने वाला सच यह सामने आया है कि गड्ढों को भरने के लिए नियमानुसार गिट्टी और कंक्रीट का इस्तेमाल करने के बजाय उनमें मलबा और ढीला कचरा दबा दिया गया और ऊपर से डामर की पतली परत पोत दी गई। हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच ने इस घोर फर्जीवाड़े पर सख्त नाराजगी जताते हुए नगर निगम कमिश्नर को 21 सितंबर को व्यक्तिगत शपथपत्र (हलफनामा) पेश करने और निजी टेङ्क्षस्टग फर्म का रिकॉर्ड जब्त करने के कड़े आदेश दिए हैं।
हाईकोर्ट के सामने जब सडक़ की डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) और टेङ्क्षस्टग फाइलें खोली गईं, तो धोखाधड़ी का ऐसा घालमेल सामने आया जिसे देखकर अदालत भी दंग रह गई।
कोर्ट ने नगर निगम और मेंटेनेंस का काम करने वाली कंपनी मेसर्स ग्राम्स इन्फ्राटेक (इंडिया) प्राइवेट लिमिटेड के बीच हुए 3 साल के अनुबंध की शर्तें पढकऱ सुनाईं।
Updated on:
20 Sept 2026 05:56 pm
Published on:
20 Sept 2026 05:56 pm
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