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टेलिकॉम हब बनेगा ग्वालियर, जल्द होगा भूमिपूजन, 15 हजार लोगों को मिलेगा रोजगार

Telecom Manufacturing Zone : तैयारियों का जायजा लेने पहुंचे केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया। बोले- 'टेलिकॉम मेन्युफेक्चरिंग ज़ोन' का भूमिपूजन होगा।
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Telecom Manufacturing Zone

व्यवस्थाओं के बारे में जानते केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया (फोटो सोर्स: @JM_Scindia)

Gwalior News :मध्य प्रदेश के ग्वालियर को जल्द ही टेलिकॉम मैन्युफैक्चरिंग के क्षेत्र में बड़ी सौगात मिलने जा रही है। केंद्र सरकार की पहल के तहत शहर में टेलिकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन विकसित की जाएगी। इस जोन में देश-विदेश की नामी कंपनियों के निवेश की संभावना है। केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने रविवार को प्रस्तावित टेलिकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन की तैयारियों का जायजा लिया।

निरीक्षण के दौरान केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने अधिकारियों से प्रस्तावित जोन की तैयारियों, जमीन, सुविधाओं और यहां स्थापित होने वाली औद्योगिक इकाइयों को लेकर जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को जरूरी तैयारियां समय पर पूरी करने के निर्देश दिए।

मीडिया से चर्चा में बोले सिंधिया

मीडिया से चर्चा करते हुए केंद्रीय मंत्री सिंधिया ने कहा कि, जैसे ही कंपनियों को जमीन मिल जाएगी, वो खुद सीएम मोहन यादव के साथ मिलकर टेलिकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन का भूमिपूजन करेंगे। उन्होंने ये भी कहा कि ये परियोजना ग्वालियर के औद्योगिक विकास के लिए महत्वपूर्ण साबित होगी।

15 हजार रोजगार के अवसर

सिंधिया ने बताया कि, टेलिकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन के जरिए करीब 15 हजार रोजगार के अवसर पैदा होंगे। इसके अलावा इससे जुड़े अन्य क्षेत्रों में भी कई हजार लोगों को रोजगार मिलने की संभावना है। इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार और व्यापार के नए अवसर बढ़ेंगे।

ग्वालियर को औद्योगिक सौगात

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि, पिछले करीब 25 साल में पहली बार ग्वालियर को इस तरह की बड़ी औद्योगिक सौगात मिलने जा रही है। प्रस्तावित जोन में देश और विदेश की टेलिकॉम कंपनियां अपनी इकाइयां स्थापित हो सकेंगी। इससे ग्वालियर को टेलिकॉम मैन्युफैक्चरिंग के एक महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में विकसित करने में मदद मिल सकती है। सरकार की योजना के अनुसार, एक ही क्षेत्र में टेलिकॉम क्षेत्र से जुड़ी विभिन्न कंपनियों के आने से औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा। इससे प्रत्यक्ष रोजगार के साथ परिवहन, लॉजिस्टिक्स, सर्विस, सप्लाई और अन्य सहायक क्षेत्रों में भी रोजगार को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।