मातम में बदल गईं परिवार की खुशियां।
ग्वालियर/ मध्य प्रदेश के ग्वालियर में एक परिवार में उस समय मातम फैल गया, जब परिवार की खुशियां उसके दरवाजे पर खड़ी थीं। पूरे घर में रोशनी जगमगा रही थी। घर के सभी लोग खुशी से झूम रहे थे। मंगल गीतों का दौर चल रहा था। क्योंकि, शाम को ही बेटे की बारात दरवाजे से निकलनी थी। लेकिन, अचानक बारात की सुबह घर में मातम छा गया। मंगल गीत रुदन में बदल गए। जब परिवार को पता लगा कि, गुरुवार की सुबह सैर पर निकले पीएचई कर्मचारी और दूल्हा के पिता की ट्रेन से कटकर मौत हो गई है।
घर से ये कहकर निकले थे पिता
मामला शहर के फूलबाग स्थित पीएचई कॉलोनी का है। सेवढ़ा दतिया में पदस्थ चर्तुथ श्रेणी के पीएचई कर्मचारी 50 वर्षीय लोकमन पुत्र मोतीराम कुशवाह के बड़े बेटे रविन्द्र कुशवाह की बारात मुरार के सीपी कॉलोनी जाने की तैयारियों में लगी थी। बारात की सुबह करीब 6 बजे दूल्हा के पिता लोकमन कुछ शादी के कार्ड लेकर ये कहते हुए घर से निकले कि, कुछ लोगों को कार्ड देना रह गए हैं, ये भी लग जाएंगे और घूमना भी हो जाएगा। लंबे समय तक जब वो नहीं लौटे, तो घर वालों ने उनकी तलाश शुरू की। इसी दौरान घर पर खबर मिली कि, कोई अनजान व्यक्ति ट्रेन की चपेट में आ गया है, जिसकी शिनाख्त नहीं हो पा रही। घटना स्थल घर के पीछे ही था। इसपर परिवार के लोगों में खलबली हुई और वो मर्चुरी पहुंच गए। यहां परिवार को पता लगा कि, ट्रैन से कटने वाला शख्स कोई और नही बल्कि लोकमन कुशवाह ही थे।
ऐसे हुई घटना
जीआरपी के अनुसार जिस समय पीएचई कर्मचारी रेलवे ट्रैक पार कर रहा था, उसी समय ट्रेन आ गई। ट्रेन की टक्कर से लोकमन उछलकर दूर जा गिरा, जिससे मौके पर ही मौत हो गई। पुलिस जांच के मुताबिक, हादसा परिचितों को कार्ड बांटने के बाद घर लौटते समय हुआ था। क्योंकि, मृतक के पास से कोई कार्ड भी नहीं मिले और किसी परिचित ने उनके कार्ड देने आने की बात भी कही है।
भरी बैठक में कलेक्टर ने CMHO को फटकारा - video