
ग्वालियर। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत सिरोल थाने के सामने बनाए गए एलआइजी और एमआइजी फ्लैट की फर्जी बुकिंग के नाम पर लोगों को गुमराह करने वालों के खिलाफ नगर निगम अब पुलिस में शिकायत करने की तैयारी कर रहा है। निगम ने शिकायती पत्र तैयार कर लिया है। इसे सोमवार को पुलिस को भेजा जाएगा। निगम अधिकारियों के अनुसार कुछ लोग सोशल मीडिया पर रील बनाकर पीएम आवास योजना के तहत बने फ्लैट दिलाने और उनकी बुकिंग कराने का प्रलोभन दे रहे हैं। जबकि इन आवासों की बुकिंग पहले ही पूरी हो चुकी है।
निगम का कहना है कि वर्तमान में पहले से बुक किए गए फ्लैटों की रजिस्ट्री की प्रक्रिया चल रही है। ऐसे में यदि कोई व्यक्ति नए आवेदकों से बुकिंग या आवास दिलाने के नाम पर राशि लेता है तो उसके साथ धोखाधड़ी की आशंका है। लोगों को ऐसे किसी भी प्रचार या प्रस्ताव के झांसे में नहीं आने की सलाह दी गई है।
पीएम आवास योजना फेस-1 के तहत सिरोल थाने के सामने कुल 696 फ्लैट बनाए गए हैं। इनमें एलआइजी के छह ब्लॉक में 384 और एमआइजी के पांच ब्लॉक में 312 फ्लैट शामिल हैं। निगम के अनुसार इन सभी फ्लैट की बुकिंग पहले ही हो चुकी है। अब इनमें नए सिरे से बुकिंग की कोई प्रक्रिया नहीं चल रही है।
आवास परिसर में फ्लैट के अलावा 50 दुकानें और 20 प्लॉट भी शामिल हैं। निगम के अनुसार इनकी भी बुकिंग हो चुकी है। अब बुकिंग के बाद की प्रक्रिया के तहत हितग्राहियों के नाम रजिस्ट्री कराई जा रही है।
नगर निगम के अनुसार अब तक 25 फ्लैट और 10 दुकानों की रजिस्ट्री संबंधित हितग्राहियों के नाम हो चुकी है। शेष हितग्राहियों को रजिस्ट्री कराने के लिए नोटिस जारी किए गए हैं। निगम का अमला अब बुकिंग पूरी हो चुके आवासों की रजिस्ट्री प्रक्रिया को आगे बढ़ा रहा है।
निगम अधिकारियों के मुताबिक सोशल मीडिया पर कुछ लोग रील बनाकर पीएम आवास योजना के तहत फ्लैट उपलब्ध होने और उनकी बुकिंग कराने का दावा कर रहे हैं। ऐसे प्रचार से उन लोगों के ठगी का शिकार होने की आशंका है, जो सरकारी योजना में आवास मिलने की उम्मीद में इन लोगों से संपर्क कर सकते हैं।
निगम ने स्पष्ट किया है कि सिरोल थाने के सामने बनाए गए 696 फ्लैट की बुकिंग पहले ही हो चुकी है। इसलिए किसी भी व्यक्ति को सोशल मीडिया पर दिखाई जा रही बुकिंग या आवास दिलाने की पेशकश पर राशि नहीं देनी चाहिए।
नगर निगम ने सोशल मीडिया पर फर्जी बुकिंग का प्रचार करने वालों के खिलाफ पुलिस को शिकायत देने के लिए पत्र तैयार कर लिया है। अधिकारियों का कहना है कि शिकायत के बाद पुलिस स्तर पर मामले की जांच की जाएगी। निगम का उद्देश्य लोगों को संभावित ठगी से बचाना और पीएम आवास योजना के नाम पर किए जा रहे भ्रामक प्रचार पर रोक लगाना है।