
Laddu Gopal Lost in gwalior: आमतौर पर विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन हत्या, लूट, डकैती या अन्य संगीन अपराधों की गुत्थी सुलझाने के लिए किया जाता है, लेकिन एमपी के ग्वालियर शहर में आस्था से जुड़े एक अनोखे मामले में एसआईटी बनाई गई है। बाजार से गुम हुई भगवान श्रीकृष्ण के बाल स्वरूप लड्डू गोपाल की प्रतिमा की तलाश के लिए तीन थानों की संयुक्त टीम जांच में जुटी है।
जानकारी के मुताबिक अलकापुरी निवासी विजया शर्मा ने पुलिस अधिकारियों से कहा कि उनके लिए लड्डू गोपाल केवल एक प्रतिमा नहीं, बल्कि परिवार के सदस्य हैं। उन्होंने बताया कि प्रतिमा गुम होने के बाद वह लगातार उसे तलाशने की गुहार लगा रही है। उनकी भावनाओं को देखते हुए ग्वालियर रेंज के आइजी अरविंद सक्सेना ने मामले की गंभीरता से जांच कराने के निर्देश दिए, जिसके बाद विशेष जांच दल का गठन किया गया।
विजया शर्मा के अनुसार, 29 जनवरी को वह अपनी बहन के साथ कोतवाली थाना क्षेत्र स्थित छापाखाना सब्जी मंडी में खरीदारी करने गई थीं। इसी दौरान लड्डू गोपाल को भी साथ घुमाने लाई थी लेकिन वे अचानक कहीं गुम हो गए। उन्होंने कोतवाली थाने में शिकायत दर्ज कराई और बाद में वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों व आईजी कार्यालय तक भी अपनी बात पहुंचाई, लेकिन अब तक प्रतिमा का कोई सुराग नहीं मिल सका है।
सीएसपी किरण अहिरवार के निर्देशन में गठित एसआईटी में कोतवाली थाना प्रभारी के नेतृत्व में कोतवाली, जनकगंज और माधौगंज थानों के पुलिसकर्मियों को शामिल किया गया है। पुलिस टीम बाजार क्षेत्र के लोगों से पूछताछ कर रही है, उपलब्ध सुरागों की जांच की जा रही है और प्रतिमा की तलाश के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं।
विजया शर्मा ने सब्जी बेचने वाली महिला पर शक जताया है। उन्होंने बताया है कि उन्हें इस संबंध में एक स्वप्न भी आया था। साथ ही कुछ लोगों ने उन्हें बताया कि संबंधित व्यक्ति ने एक समारोह में लड्डू गोपाल को लेकर कुछ बातें कही थीं। पुलिस अब इस पहलू की भी जांच कर रही है। इस पूरे मामले में ग्वालियर पुलिस का कहना है कि एसआईटी सभी संभावित पहलुओं पर काम कर रही है और मामले में उपलब्ध हर सूचना का सत्यापन किया जा रहा है। अधिकारियों का विश्वास है कि जांच के जरिए जल्द ही कोई महत्वपूर्ण सुराग सामने आएगा। एसआईटी का प्रयास है कि श्रद्धालु महिला की आस्था से जुड़े इस मामले में जल्द ही लड्डू गोपाल को खोज निकाला जाएगा।