15 दिन से लापता धर्मपुरा गांव के कक्षा आठवीं का 13 साल का छात्र दोपहर को अपने घर पहुंचा तो उसे देखकर घर वाले खुश हो गए है।
ग्वालियर। दतिया के इंदरगढ़ से पिछले 15 दिन से लापता धर्मपुरा गांव के कक्षा आठवीं का १३ साल का छात्र गुरुवार की दोपहर को अपने घर पहुंचा तो उसे देखकर घर वाले खुश हो गए है। लापता हुआ बालक युवराज ने बताया कि वह कहीं लापता नहीं हुआ था बल्कि बस में से दो बाबाओं ने उसका अपहरण कर उसे ट्रेन में ले जाया गया। जहां उसे उसे ट्रेन से हरिद्वार ले जाया गया। यहां बाबा वेशधारी बदमाशों ने पहले तो उसके बाल मुंडवाए फिर उससे जमकर काम कराया। यहां तक कि उससे बर्तन धुलवाए और पानी भरवाया।
मौका मिलते ही वह पानी की बाल्टी फैं ककर बाबाओं के चंगुल से भाग निकला। इंदरगढ़ के धर्मपुरा निवासी विजय जाटव का बेटा युवराज २0 सिंतबर को उस वक्त गायब हो गया था जब वह अपना मामा के यहां अटरा जा रहा था।बस में दो बाबाओं ने उसे एक रुमाल सुंघा दिया जिससे वह बेहोश हो गया।बाद में उसने पाया कि वह ट्रेन में है और कुछ घण्टों के बाद हरिद्वार पहुंच गया।
उसने कहा कि बाबाओं ने हरिद्वार में सबसे पहले उसके बाल मुड़वाए व विरोध करने पर जमकर पिटाई की। बाबाओं द्वारा प्रतिदिन बर्तन धुलवाए जाते थे, पानी भरवाया जाता था और खाने को कम मात्रा में दिया जाता था। एक दिन पहले उसे पानी लेने के लिए भेजा तो वह मौका मिलते ही बाल्टी फेंककर भाग निकला।
उसकी दूसरी जगह अन्य बाबा ने मदद की और उसे बस स्टैण्ड लेकर आए। वहां से बस कंडक्टर का पता चला। वहीं उसके पड़ोस में रहने वाला एक युवक उसे मिल गया जो कि बस का कडंक्टर है उसने उसे पहचान लिया और उसके घर ले जाकर छोड़ा।
युवराज को देखने उमड़ा गांव
गुरुवार की दोपहर को घर वापस लौटे युवराज के बाल कटे हुए थे, साधुओं ने सिर पर एक चोटी छोड़ दी थी। जब वह घर पहुंचा तो सहमा हुआ था। लेकिन परिजनों को देखते ही वह थोड़ी देर बाद खुश हो गया। बाद में मां रामवती व पिता विजय जाटव युवराज से मिले उनके चेहरे खिल गए।