ग्वालियर

एमपी में SAF घोटाला, फर्जी सर्टिफिकेट से सरकारी नौकरी कर रहे कई पुलिसकर्मी, अब एक्शन में कलेक्टर

SAF Scam : ताजा मामला मध्य प्रदेश SAF (स्पेशल आर्म्ड फोर्स) से सामने आया है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, यहां विभन्न बटालियन में लगभग 150 जवान फर्जी प्रमाण पत्र के आधार पर नौकरी कर रहे हैं।

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SAF Scam :मध्य प्रदेश का ग्वालियर-चंबल संभाग फर्जी सर्टिफिकेट बनाकर सरकारी नौकरी पाने का नसनीखेज मामला सामने आया है। मिली जानकारी के अनुसार, यहां फर्जी सर्टिफिकेट का इस्तेमाल कर 150 से ज्यादा पुलिसकर्मी नौकरी कर रहे हैं। कोर्ट के स्टे के चलते फिलहाल इन पर कार्रवाई नहीं हो सकी है। सरकारी महकमें में फर्जी सर्टिफिकेट के आधार पर नौकरी करने वालों की संख्या सैकड़ों में है। इसी कड़ी में ताजा मामला मध्य प्रदेश SAF (स्पेशल आर्म्ड फोर्स) से सामने आया है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, यहां विभन्न बटालियन में लगभग 150 जवान फर्जी प्रमाण पत्र के आधार पर नौकरी कर रहे हैं।

बता दें कि, साल 2019 में ग्वालियर चंबल अंचल में 10 लोगों के खिलाफ फर्जी जाति प्रमाण-पत्र के जरिए नौकरी करने को लेकर एफआईआर दर्ज की गई थी। इसके खिलाफ इन सभी ने अप्रैल 2019 में हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। पहली सुनवाई ही में ही सभी को राहत मिल गई थी, लेकिन हाई जांच एजेंसी की रुचि न होने के चलते स्टे हटवाने के लिए अबतक ठोस पैरवी नहीं हो सकी है।

जल्द कार्रवाई होगी

स्टे हटवाने के लेकर पैरवी न होने के चलते फर्जी सर्टिफिकेट लगाकर ये पुलिसकर्मी लगातार नौकरी कर रहे हैं। लेकिन अब इस मामले को ग्वालियर कलेक्टर ने गंभीरता से लेते हुए संबंधित मामले से जुड़े दस्तावेज तलब कर लिए हैं। यही नहीं, ग्वालियर आईजी अरविंद सक्सेना ने भी मामले को लेकर कहा है कि संविधान में आरक्षण की जो व्यवस्था की गई है, उसी का फायदा उठाकर ऐसे लोग फर्जी प्रमाण पत्र बनवाकर नौकरी पा लेते हैं। उन्होंने कहा कि आगे कोर्ट से जो भी आदेश मिलेंगे उसी आधार पर इन फर्जी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

Updated on:
24 Oct 2024 12:54 pm
Published on:
24 Oct 2024 12:50 pm
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