ग्वालियर

यूडाइस कोड पूरा न करने पर स्कूलों को दी चेतावनी, जानें क्या होता यूडाइस कोड

यूडाइस कोड अपडेट करने में शिक्षकों की रुचि नहीं, ग्वालियर जिले का 50वां स्थान
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Updated: 31 Jan 2023, 11:40 PM IST
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ग्वालियर . जिले के विद्यालय यूडाइस कोड अपडेट कराने में रुचि नहीं दिखा रहे हैं। 144 दिन में स्कूल अब तक 72 प्रतिशत अपडेशन ही कर पाए हैं। जिले के 2953 सरकारी व निजी विद्यालयों में अब तक 808 ने ही काम पूरा किया है। 2,145 विद्यालयों में अपडेशन बाकी है। खराब स्थिति होने के चलते प्रदेश में जिले को 50 वां स्थान दिया गया है। अपडेशन अंतिम तिथि 20 दिसम्बर तक नहीं होने से इसे बढ़ाकर 10 फरवरी किया गया है। इसके बाद शासकीय विद्यालयों के शिक्षकों का वेतन काटा जाएगा। वहीं देर से अपडेशन करने वाले निजी विद्यालयों की मान्यता भी खत्म की जा सकती है।

सबसे खराब स्थिति में मुरार: ग्रामीण क्षेत्रों में मुरार की स्थिति सबसे खराब और भितरवार ब्लॉक बेहतर प्रदर्शन कर रहा है। अपडेशन पहले बीआरसीसी से कराता था। इस साल स्कूल स्तर पर शिक्षकों को अपडेशन की व्यवस्था की गई है।

ये है यूडाइस कोड :

यूडाइस कोड में स्कूलों की प्रोफाइल, शिक्षकों की डाटा एंट्री, सुविधाएं, परीक्षा परिणाम का अपडेशन की व्यवस्था की जाती है। यूडाइस कोड का डाटा डिस्ट्रिक्ट इंफॉर्मेशन ऑफ स्कूल एजुकेशन एकत्र करता है। स्कूलों का कोड 11 अंकों का होता है, जिसमें 2 अंक प्रदेश के, 2 जिले के, 2 ब्लॉक के, 3 शहर व गांव के और अंतिम 2 अंक स्कूल के होते हैं।

इन जिलों में 90%अपडेशन: .....
इन जिलों में 90%अपडेशन: 52 जिलों के कुल 126282 विद्यालयों में 88 प्रतिशत ने एंट्री करा ली है, और 12 प्रतिशत स्कूलों को एंट्री बाकी है। अब तक 31 प्रतिशत शिक्षकों की एंट्री पूरी पूरी हुई है, जबकि 69 प्रतिशत की शेष है। बुरहानपुर, खंडवा और डिंडोरी की शत प्रतिशत एंट्री पूरी की हो चुकी है। वहीं सबसे खराब स्थिति इंदौर की है, यहां 52 प्रतिशत विद्यालयों द्वारा एंट्री कराई गई है।

समीक्षा करने के दिए निर्देश

शिक्षकों के डाटा एंट्री और प्रोफाइल अपडेशन पूरा न होने पर जनशिक्षाकेन्द्र प्रभारी, जनशिक्षक और बीआरसीसी को विद्यालयों की समीक्षा करने के निर्देश दिए गए हैं। सभी विद्यालयों को जल्द अपडेशन कार्य करने की नसीहत दी जा रही है, ऐसा न करने की स्थिति में नजी विद्यालयों की मान्यता भी समाप्त की जा सकती है। और शासकीय विद्यालयों में कार्य जल्द न होने पर शिक्षकों के वेतन में कटौती की जाएगी।

अजय कटियार, डीइओ

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