ग्वालियर

गुरवाणी का गायन करते हुए शब्द चौकी टेकनपुर से दाताबंदी छोड़ गुरुद्वारा पहुंची

बंदी छोड़ दिवस के धार्मिक आयोजनों के क्रम में टेकनपुर से शब्द चौकी का शुभारंभ किया गया। श्रद्धालुओं ने गुरवाणी का गायन करते हुए शब्द चौकी को श्रद्धा और उत्साह के साथ गुरुद्वारा दाता बंदी छोड़ किला तक पहुंचाया। शब्द चौकी के दौरान संगत ने गहरी श्रद्धा से शबद-कीर्तन में भाग लिया और गुरु के प्रति अपनी आस्था व समर्पण प्रकट किया। गुरुद्वारा पहुंचने पर संगत ने शब्द चौकी का श्रद्धापूर्वक स्वागत किया।
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बंदी छोड़ दिवस के धार्मिक आयोजनों के क्रम में टेकनपुर से शब्द चौकी का शुभारंभ किया गया। श्रद्धालुओं ने गुरवाणी का गायन करते हुए शब्द चौकी को श्रद्धा और उत्साह के साथ गुरुद्वारा दाता बंदी छोड़ किला तक पहुंचाया। शब्द चौकी के दौरान संगत ने गहरी श्रद्धा से शबद-कीर्तन में भाग लिया और गुरु के प्रति अपनी आस्था व समर्पण प्रकट किया।
टेकनपुर से दाताबंदी छोड़ गुरुद्वारा पहुंची शब्द चौकी में बड़ी संख्या में सिख संगत शामिल हुई।
  • संगत ने श्रद्धा से किया स्वागत

ग्वालियर. बंदी छोड़ दिवस के धार्मिक आयोजनों के क्रम में टेकनपुर से शब्द चौकी का शुभारंभ किया गया। श्रद्धालुओं ने गुरवाणी का गायन करते हुए शब्द चौकी को श्रद्धा और उत्साह के साथ गुरुद्वारा दाता बंदी छोड़ किला तक पहुंचाया। शब्द चौकी के दौरान संगत ने गहरी श्रद्धा से शबद-कीर्तन में भाग लिया और गुरु के प्रति अपनी आस्था व समर्पण प्रकट किया। गुरुद्वारा पहुंचने पर संगत ने शब्द चौकी का श्रद्धापूर्वक स्वागत किया। इस अवसर पर गुरवाणी और सतनाम वाहेगुरु के जाप से पूरा वातावरण आध्यात्मिक हो उठा। गुरुद्वारा दाता बंदी छोड़ किला में बंदी छोड़ दिवस को समर्पित विभिन्न क्षेत्रों से शब्द चौकियों का आयोजन किया जा रहा है। इन शब्द चौकियों के माध्यम से संगत को गुरु हरगोबिंद साहिब के त्याग, सेवा, मानवता और चढ़दी कला के संदेश से जोडऩे का प्रयास किया जा रहा है। आने वाले दिनों में भी विभिन्न क्षेत्रों से शब्द चौकियां और नगर कीर्तन आयोजित किए जाएंगे, जिनमें बड़ी संख्या में संगत के शामिल होने की उम्मीद है। इस मौके पर बाबा गुरमेज सिंह, बाबा गुरप्रीत सिंह, सेवादार सोहन सिंह मौजूद रहे।

8 से 10 अक्टूबर तक मनेगा बंदी छोड़ दिवस
सेवादार सुखबीर सिंह सुक्खा ने बताया कि गुरु हरगोबिंद सिंह के ग्वालियर दुर्ग में कैद 52 हिंदु राजाओं को रिहा करने के रूप में बंदी छोड़ दिवस मनाया जाता है। इस साल ये कार्यक्रम 8 से 10 अक्टूबर तक होगा। इस तीन दिवसीय सालाना गुरमत समागम में देश-विदेश के श्रद्धालु हिस्सा लेंगे।

Updated on:
30 Sept 2026 11:26 am
Published on:
30 Sept 2026 11:25 am