खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने सोमवार को हॉस्पिटल रोड स्थित एक मसाला पिसाई चक्की पर छापा मारकर मिलावट का बड़ा मामला उजागर किया। मौके पर कल्ली शाह धनिया मसाला पिसाई करते मिले, लेकिन निरीक्षण के दौरान जो सामने आया, उसने सबको चौंका दिया। परिसर में साबुत हल्दी, साबुत लाल मिर्च, साबुत धनिया और तैयार […]
खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने सोमवार को हॉस्पिटल रोड स्थित एक मसाला पिसाई चक्की पर छापा मारकर मिलावट का बड़ा मामला उजागर किया। मौके पर कल्ली शाह धनिया मसाला पिसाई करते मिले, लेकिन निरीक्षण के दौरान जो सामने आया, उसने सबको चौंका दिया। परिसर में साबुत हल्दी, साबुत लाल मिर्च, साबुत धनिया और तैयार धनिया पाउडर व गरम मसाला पाउडर के साथ भूसी (चौकर) और लकड़ी का बुरादा भी रखा मिला। जांच में सामने आया कि इनका उपयोग धनिया पाउडर में मिलावट के लिए किया जा रहा था। भूसी व लकड़ी का बुरादा मिलाकर धनिया बेची जा रही थी। पूछताछ में कल्ली शाह ने बताया कि वह किराये के परिसर में मसालों का कारोबार करता है।
खाद्य सुरक्षा अधिकारी सतीश कुमार शर्मा ने गरम मसाला पाउडर, धनिया पाउडर, चौकर, लकड़ी का बुरादा और साबुत धनिया के नमूने जांच के लिए लिए। साथ ही लगभग 30 किलो गरम मसाला, 40 किलो धनिया पाउडर, 30 किलो चौकर, 40 किलो लकड़ी का बुरादा और 50 किलो साबुत धनिया जब्त किया गया। जब्त सामग्री की अनुमानित कीमत 30,700 रुपए बताई गई है। अनियमितताओं के चलते मसाला कारोबार तत्काल बंद करा दिया गया। पिसाई केंद्र को सील कर दिया। खाद्य पंजीयन निलंबित करने की कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
दालबाजार में पहले भी पकड़ा जा चुका है मिलवाटी मसालों के पिसाई केंद्र
खाद्य विभाग ने 2025 में भी मिलावटी मसाला तैयार करने वाला पिसाई केंद्र पकड़ा था। मिर्ची, हल्दी व धनिया में मिलावट की जा रही थी। दाल बाजार के आसपास मिलावटी मसाले बनाने वाले केंद्र संचालित हैं।
- भूसी व लकड़ी, रंग आदि का उपयोग किया जा रहा है। इससे लोग मिलावटी मसालों की पहचान नहीं कर पाते हैं।
नारियल बुरादा का लिया नमूना
दूसरी टीम स्टोन पार्क स्थित गजानन ट्रेडिंग कम्पनी भी पहुंची। यहां नारियल बुरादा को ‘डॉलर’ और ‘हाई-टेक’ कोकोनट पाउडर नाम से पैक किया जा रहा था। संचालक ने बताया कि कच्चा माल दूसरे राज्य से लाकर ब्रांड नाम से बाजार में बेचा जाता है। खाद्य सुरक्षा अधिकारी सतीश धाकड़ ने दोनों ब्रांड के नमूने जांच के लिए लिए। कार्रवाई में बृजेश कुमार शिरोमणि, गोविंद नारायण सरगैयां, सतीश धाकड़ और सतीश कुमार शर्मा शामिल रहे।