
ग्वालियर। जीवाजी विश्वविद्यालय द्वारा सात अक्टूबर को घोषित किए गए स्नातक के परीक्षा परिणाम में बॉटनी, जूलॉजी, फाउंडेशन आदि विषयों में सही नंबर न दिए जाने पर वीआरजी कन्या महाविद्यालय मुरार की छात्राएं उत्तरपुस्तिकाएं देखने परीक्षा भवन गई थीं। यहां स्टाफ द्वारा सही बर्ताव न कर कॉपियां दिखाने से मना कर दिया, इससे आक्रोशित छात्राओं ने प्रशासनिक भवन आकर हंगामा कर दिया। विवि के अधिकारी द्वारा बात न सुनने पर छात्राओं ने कुलपति कार्यालय के प्रवेश द्वार का ताला तोड़ दिया और सीधे ऊपरी मंजिल पर पहुंच गईं। यहां भी ताला लगा होने पर छात्राएं नारेबाजी करने लगीं। इसके बाद उप कुलसचिव राजीव मिश्रा ने आकर समझाइश दी इसके बाद जो छात्राएं मौके पर थीं, उन सभी के नाम और रोल नंबर लेकर कॉपियां दिखाने के लिए दोबारा परीक्षा भवन भेजा।
दरअसल, परीक्षाओं का रिजल्ट बनाने वाली कंपनी ने अक्टूबर के पहले दिन स्नातक फस्र्ट ईयर, सैकंड ईयर सहित अन्य परीक्षाओं का रिजल्ट जारी किया था। इसमें से बीएससी सैकंड ईयर का रिजल्ट लगभग 97 फीसदी दर्शाया गया था, इसके बाद परीक्षा नियंत्रक डॉ आरकेएस सेंगर ने आपत्ति लेकर रिजल्ट की समीक्षा की बात कही थी और जेयू ने यह रिजल्ट वापस लेकर 7 अक्टूबर को दोबारा घोषित किया था, जिसमें लगभग 15 फीसदी छात्रों का परिणाम फेल या सप्लीमेंट्री के रूप में आया था। इससे आक्रोशित छात्रों ने लगातार प्रदर्शन जारी रखा है।
यह है घटनाक्रम
-24 अक्टूबर को वीआरजी कॉलेज की छात्राओं ने गलत नंबर दिए जाने पर प्रदर्शन किया था।
-विवि अधिकारियों ने सभी छात्राओं को 1 नवंबर को कॉपियां देखने के लिए बुलाया था।
-सुबह लगभग 11.30 बजे छात्राएं परीक्षा भवन पहुंच गई थीं।
-छात्राओं का कहना है कर्मचारियों ने तिरस्कृत भाषा में बात और कॉपी दिखाने से मना कर दिया।
-सभी छात्राएं सीधे प्रशासनिक भवन पहुंचीं और कुलपति से मिलने की मांग करने लगीं।
-छात्राओं को देख सिक्योरिटी गार्डों ने तीनों ओर के चैनल पर ताले डाल दिए।
-इंतजार के बाद भी जब कोई जिम्मेदार अधिकारी नहीं पहुंचा तो छात्राओं ने ताला तोड़ दिया।
नहीं मिलीं कुलपति
-आक्रोशित छात्राओं ने पहले चैनल पर अपना गुस्सा उतारा और ताला तोडऩे के बाद सभी छात्राएं प्रथम तल पर स्थित कुलपति कक्ष के सामने पहुंचीं तो वहां भी ताला लगा मिला।
-छात्राओं ने लगभग दस मिनट तक यहां प्रदर्शन किया लेकिन कुलपति प्रो संगीता शुक्ला ने छात्राओं से मिलना उचित नहीं समझा और उप कुलसचिव डॉ राजीव मिश्रा को भेज दिया।
-कार्यालय के बाहर मौजूद गार्ड के माध्यम से सूचना भिजवान के बाद अंदर से जवाब आया कि मीटिंग चल रही है। -सूत्र बताते हैं कि छात्राओं के प्रदर्शन के समय कुलपति कक्ष में डीसीडीसी डॉ जीडी अग्रवाल, फाइनेंस कंट्रोलर सगीरा सिद्दीकी और एक कोई एडवोकेट मौजूद थे।
-रुटीन में रहने वाले इन अधिकारियों को ज्यादा तवज्जो दिए जाने से भी छात्राओं में आक्रोश नजर आया।