डबरा में रहने वाले एक मोटर साइकिल मैकेनिक इमरान के तीन साल के बेटे को लोग(सूफियान)सुपर गुगल बॉय के नाम से पुकारते हैं।
ग्वालियर। शहर से 45 किमी दूर डबरा में रहने वाले एक मोटर साइकिल मैकेनिक इमरान के तीन साल के बेटे को लोग(सूफियान)सुपर गुगल बॉय के नाम से पुकारते हैं। गुगल बॉय सूफियान उन कठिन से कठिन सवालों के भी सटीक जवाब तुंरत ही दे देता है,जो बड़ी क्लासेज में पढऩे वाले लोग भी नहीं दे पाते है। इतना ही नहीं वह हर जवाब का तुंरत ही उत्तर दे देता है। खास बात यह है कि सुपर गुगल बॉय को ये ज्ञान कहां से मिला है इस बात को कोई नहीं जानता क्योंकि उसके परिवार में उसके पिता,मां व दादा में से कोई भी पढ़ा-लिखा नहीं है। न ही इससे पहले उसकी पीढ़ी में कोई पढ़ा लिखा था।
गूगल बॉय के पिता इमरान का कहना है कि वह सिर्फ टीवी पर न्यूज ही देखता है। उन्होंने कहा कि अभी सूफियान की उम्र महज तीन साल की है जो कि बड़े से बड़े सवालों का जवाब सटीक ही दे देता है। ग्वालियर के डबरा क्षेत्र के मोटर साइकिल मैकेनिक इमरान ने बताया कि बेटा सूफियान अपनी मां,पिता,मामा व दादा से तो खूब बातें करता है, लेकिन अपनी उम्र के बच्चों के साथ उसकी खेलने में कोई रुचि नहीं है।
सुपर गुगल बॉय (सूफियान) टीवी पर आम बच्चों की तरह कार्टून जैसे किड प्रोग्राम भी नहीं देखता है वह तो केवल टीवी पर न्यूज ही सूनता रहता है। सूफियान के पिता ने बताया कि पास ही में रहजने वाले दादा जब सूफियान से मिलने आते है तो वह उनके साथ बैठ कर टीवी पर न्यूज देखता है।
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गुगल बॉय सूफियान देश-दुनिया की बड़ी नदियों के नाम,देशों की राजधानियां,प्रदेसों की राजधानियां और देश-दुनिया के प्रमुख राजनेताओं के बारे में और विदेशों के बारे में भी सूफियान सटीक जवाब देता है। इमरान अपने प्रतिभाशाली बेटे को अच्छी शिक्षा दिलाना चाहता है, लेकिन उसे चिंता है कि थोड़ा बड़ा होने पर सूफियान को बड़े शहर के अच्छे स्कूल और माहौल नहीं मिला तो उसकी प्रतिभा कुंठित न हो जाए। इसको लेकर वह चिंतित भी है।
जब उम्र कम होने पर स्कूल ने नहीं दिया एडमिशन
गुगल बॉय के पिता ने बताया कि सूफियान को एडमिशन के लिए नगर के बड़े स्कूलों में ले जाना शुरू किया गया। वहां स्कूलों का मैनेजमेंट सूफियान के प्रतिभा पर अचंभा तो करने लगा, लेकिन उम्र कम होने की वजह से एडमिशन नहीं दिया। इस साल सूफियान तीन साल का हुआ तो उसे नर्सरी में एडमिशन मिल गया। लेकिन उसके पिता को अब भी उसके भविष्य की ङ्क्षचता सता रही है।