
जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोषण आयोग (उपभोक्ता फोरम) ने तय समय पर एंबुलेंस न आना और उसके बाद जमा एडवांस राशि को न लौटाना सेवा में कमी मानी है। उपभोक्ता फोरम ने एडवांस के 4 लाख रुपए 45 दिन में वापस करने का आदेश दिया है। साथ ही जो मानसिक क्षति पहुंचाई है, उसके बदले में 5 हजार रुपए देने पड़ेंगे। केस लडऩे का खर्च 2 हजार रुपए अलग से देना होगा।
दरअसल भारतेंदु शर्मा ने मरीज को अहमदाबाद ले जाने के लिए नीरज ट्रेवल्स के माध्यम से 8.50 लाख रुपए में एयर एंबुलेंस बुक की। उन्हें बहन की किडनी ट्रांसप्लांट के लिए 2 अप्रेल 2024 को शाम 6 बजे अहमदाबाद पहुंचना था। शाम 4 बजे से पहले एयर एंबुलेंस आएगी और 5:30 बजे अहमदाबाद पहुंच जाएंगे। उन्होंने एक लाख रुपए बतौर एडवांस दिए। तय हुआ कि एंबुलेंस में बैठने के बाद 7.50 लाख रुपए देंगे। असुविधा से बचने के लिए उन्होंने 3 लाख रुपए लाइफविंग्स कार्डिएक एंबुलेंस को जमा कर दिए। उन्होंने 4 लाख रुपए जमा किए। पैसे जमा होने के बाद उन्हें बताया गया कि एयर एंबुलेंस चैन्नई से 4 बजे चलेगी और 7:30 बजे अहमदाबाद पहुंचेंगे। 7:30 बजे अहमदाबाद पहुंचने से उनका उद्देश्य पूरा नहीं हो रहा था। इसके चलते एयर एंबुलेंस को निरस्त कर दिया, क्योंकि अस्पताल में समय पर नहीं पहुंचने से किडनी ट्रांसप्लांट नहीं हो पा रही थी। एडवांस के जमा 4 लाख रुपए वापस मांगे तो लाइफविंग्स कार्डिएक एंबुलेंस ने देने मना कर दिया। इसको लेकर फोरम में वाद प्रस्तुत किया। नीरज ट्रेवल्स व लाइफविंग्स कार्डिएक एंबुलेंस को वाद में प्रतिवादी बनाया। उनकी ओर से तर्क दिया कि लंबे समय से अस्पताल में नंबर आने की प्रतिक्षा कर रहे थे, लेकिन एयर एंबुलेंस नहीं आई और समय पर नहीं पहुंच पाए। इससे उनकी बहन का जीवन संकट में पड़ गया। इसलिए मानसिक क्षतिपूर्ति दिलाई जाए। 45 मिनट पहले एंबुलेंस निरस्त कर दी थी। नीरज ट्रेवल्स ने फोरम में जवाब पेश किया, लेकिन लाइफविंग्स कार्डिएक एंबुलेंस ने आरोपों का खंडन नहीं किया। फोरम ने कहा कि दस्तावेजों पर विश्वास करने योग्य है।