ग्वालियर

एलईडी की घटिया क्वालिटी और बार-बार खराब होने पर कलेक्टर ने अफसरों को फटकारा, कार्रवाई के निर्देश दिए

शहर की सडक़ों पर आए दिन एलईडी लाइटें बंद होने और घटिया क्वालिटी की लाइटें लगाए जाने की शिकायतों को लेकर कलेक्टर रुचिका चौहान ने मंगलवार को स्मार्ट सिटी कार्यालय में बैठक ली। स्मार्ट सिटी सीईओ टी. प्रतीक राव के साथ हुई बैठक में कलेक्टर ने एलईडी प्रोजेक्ट से जुड़े अब तक के पूरे काम की जानकारी मांगी। उन्होंने टेंडर प्रक्रिया से लेकर कितनी लाइटें और अन्य मटेरियल कब-कब आया, कितनी संख्या में लगाया गया
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Updated: 9 Sep 2026, 5:53 PM IST
एलईडी
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ग्वालियर. शहर की सडक़ों पर आए दिन एलईडी लाइटें बंद होने और घटिया क्वालिटी की लाइटें लगाए जाने की शिकायतों को लेकर कलेक्टर रुचिका चौहान ने मंगलवार को स्मार्ट सिटी कार्यालय में बैठक ली। स्मार्ट सिटी सीईओ टी. प्रतीक राव के साथ हुई बैठक में कलेक्टर ने एलईडी प्रोजेक्ट से जुड़े अब तक के पूरे काम की जानकारी मांगी। उन्होंने टेंडर प्रक्रिया से लेकर कितनी लाइटें और अन्य मटेरियल कब-कब आया, कितनी संख्या में लगाया गया और अब तक कितना भुगतान किया जा चुका है, इसकी जानकारी लेने के निर्देश दिए। बैठक के दौरान शहर में लगातार एलईडी लाइट खराब होने और कई जगह घटिया लाइट लगाए जाने की शिकायतों को लेकर कलेक्टर ने पीडीएमएसी, स्मार्ट सिटी और नगर निगम के इंजीनियरों को जमकर फटकार लगाई। उन्होंने स्पष्ट किया, शहर में बड़ी संख्या में लाइटें लगने के बावजूद यदि आए दिन वे खराब हो रही हैं तो इसके लिए जिम्मेदार अधिकारियों और संबंधित एजेंसी की जवाबदेही तय की जाए। शहर में एलईडी लाइट लगाने का उद्देश्य प्रमुख सडक़ों और सार्वजनिक क्षेत्रों को बेहतर रोशनी उपलब्ध कराना है, लेकिन बार-बार लाइट खराब होने से व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं। एलईडी मामले में कलेक्टर रुचिका चौहान ने कहा है कि इस पूरे प्रकरण की जांच विस्तार से करें और रिपोट दें।

सीईओ से अकेले की चर्चा, दोषी के खिलाफ प्रस्ताव मांगा
बैठक के बाद कलेक्टर ने स्मार्ट सिटी सीईओ के कक्ष में अलग से चर्चा की। उन्होंने एलईडी मामले में हुई लापरवाही को गंभीरता से लेते हुए दोषी व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई का प्रस्ताव तैयार कर प्रस्तुत करने के निर्देश सीईओ को दिए। कलेक्टर ने यह भी कहा, केवल लाइट बदल देने या खराबी दूर कर देने से जिम्मेदारी खत्म नहीं होगी, बल्कि यह भी तय होना चाहिए कि खराब गुणवत्ता की लाइटें आखिर लगी कैसे और उनकी निगरानी किस स्तर पर हुई।

टेंडर से भुगतान तक खंगाला जाएगा रिकॉर्ड
कलेक्टर ने एलईडी प्रोजेक्ट से जुड़े दस्तावेजों की भी जानकारी ली। इसमें टेंडर कब हुआ, किस एजेंसी को काम मिला, मटेरियल की आपूर्ति कब-कब हुई, कितनी लाइटें लगाई गईं और अब तक किस आधार पर कितना भुगतान किया गया, इन सभी बिंदुओं को शामिल किया है। इससे एलईडी प्रोजेक्ट में काम की गुणवत्ता के साथ-साथ भुगतान प्रक्रिया की भी जांच की जाएगी।

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9 Sep 2026, 5:53 PM IST
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