
ग्वालियर. जिले के 140 शासकीय विद्यालयों के रेनोवेशन के लिए सरकार द्वारा राशि जारी की गई है। इनमें राज्य मद से 110 विद्यालयों और सर्व शिक्षा अभियान के तहत 30 विद्यालयों में कार्य होंगे। राज्य मद से जिन 110 विद्यालयों में काम होना है, उसके लिए 2,69,30,062 रुपए जारी किए गए हैं। इनमें सामान्य मरम्मत के काम पांच लाख रुपए तक और विशिष्ट मरम्मत के काम 10 लाख रुपए तक के होंगे। मरम्मत का कार्य अधिक होगा तो उसके लिए एजेंसी का निर्धारण किया जाएगा। इन विद्यालयों में सामान्य मरम्मत के तहत छोटे व तकनीकी कार्यों को किया जाएगा, वहीं विशिष्ट मरम्मत के तहत भवन के विस्तृत नवीनीकरण के कार्यों को किया जाना है। भवन के रेनावेशन का काम 31 मार्च तक पूरा किया जाना है। लीज या किराए पर लिए गए भवन की भी मरम्मत की जाएगी। लेकिन निजी संस्था या व्यक्ति द्वारा किराए पर लिए गए भवन मरम्मत कार्य के दायरे से बाहर रहेंगे।
ये कार्य कराए जाएंगे
विद्यालय की साधारण मरम्मत, पुताई, पेंट-पुट्टी कार्य, विद्युत फिटिंग, प्लंबर कार्य, साधारण सेनेटरी फिटिंग, दरवाजा खिड़की मरम्मत, भवन के फर्श की लघु मरम्मत आदि कार्य शामिल होंगे। वहीं विशिष्ट मरम्मत के अंतर्गत विद्यालय की बड़े स्तर पर मरम्मत, जिसमें छत, फर्श का नवीनीकरण आदि किया जाएगा। मरम्मत में किए जाने वाले सामान्य कार्य 5 लाख रुपए तक के होंगे। जबकि इससे अधिक होने पर विशिष्ट मरम्मत कार्य के लिए 10 लाख रुपए तक की लागत आ सकती है। विशेष मरम्मत कार्यों के लिए लोक निर्माण विभाग की प्रचलित दर अनुसूची (एसओआर) लागू की जाएगी।
पोर्टल पर होगी प्रविष्टि
लोक निर्माण विभाग द्वारा एक पोर्टल बनाया जाएगा, जिसमें भवन निर्माण के पहले की स्थिति और बाद की स्थिति के फोटो व अन्य सुसंगत दस्तावेज जारी किए जाएंगे। इसकी प्रविष्टि का दायित्व भवन प्रभारी व कार्यालय प्रमुख का होगा
सर्व शिक्षा अभियान व राज्य मद के तहत किया जाने वाला काम
सर्व शिक्षा अभियान राज्य मद
डबरा (04) डबरा (22)
भितरवार (01) भितरवार (22)
घाटीगांव (06) घाटीगांव (24)
मुरार ग्रामीण (04) मुरार ग्रामीण (22)
मुरार शहर (15) मुरार शहर (20)
छात्रों को मूलभूत सुविधाएं मिलेंगी
डीपीसी प्रवीण सिंह तोमर ने बताया, विद्यालयों में छात्रों को मूलभूत सुविधाएं दी जाएंगी। जिसके लिए प्रदेश सरकार ने राशि जारी कर दी है। अब जल्द ही विद्यालयों में मरम्मत का कार्य शुरू कर दिया जाएगा। मार्च तक छात्र पूरी तरह से कायाकल्प हो चुके विद्यालयों में प्रवेश कर सकेंगे।