
Newborn baby girl news: मध्यप्रदेश के ग्वालियर शहर में बीते दिन एक संवेदनशील मामला सामने आया। यहां पर मुरार जिला अस्पताल के जच्चा खाना परिसर में दोपहर मंदिर के पास कोई अज्ञात व्यक्ति तीन से चार दिन की नवजात बच्ची को लावारिस हालत में छोड़ गया। कपड़े में लिपटी यह मासूम जब भूख और लाचारी में बिलख-बिलख कर रोई, तब जाकर वहां मौजूद लोगों को इसका पता चला। इस घटना से पूरे अस्पताल परिसर में हडक़ंप मच गया। अस्पताल प्रबंधन ने संवेदनशीलता दिखाते हुए तुरंत बच्ची को अपनी कस्टडी में लिया और इलाज शुरू करने के साथ ही पुलिस को इसकी सूचना दी।
जानकारी मिली कि दोपहर करीब 1 बजे जच्चा खाने में भर्ती मरीजों के तीमारदारों को अचानक किसी बच्चे के लगातार रोने की आवाज सुनाई दी। आवाज का पीछा करते हुए जब लोग परिसर में बने मंदिर के पास पहुंचे, तो वहां का नजारा देखकर दंग रह गए। एक नवजात बच्ची कपड़े में लिपटी हुई जमीन पर रो रही थी। तुरंत इसकी जानकारी डॉक्टरों और ड्यूटी स्टाफ को दी।
अस्पताल की टीम ने बिना देर किए बच्ची को वहां से सुरक्षित उठाया और प्राथमिक जांच के बाद उसे तुरंत स्पेशल न्यू बॉर्न केयर यूनिट (एसएनसीयू ) में शिफ्ट किया। समय पर इलाज मिलने से उसकी स्थिति सामान्य है। इधर सूचना मिलते ही मुरार थाना पुलिस मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने अज्ञात माता-पिता या परिजनों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। अस्पताल परिसर और उसके आसपास के रास्तों पर लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले जा रहे हैं।
जच्चा खाना परिसर में मंदिर के पास दोपहर में एक बच्ची के होने की सूचना के बाद उसे डॉक्टरों की टीम ने एसएनसीयू में भर्ती कराया गया है। बच्ची पूरी तरह से ठीक है। अब इसके माता पिता की तलाश की जा रही है। - डॉ राजेश शर्मा, सिविल सर्जन
शहर के रेलवे स्टेशन पर उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब दिल्ली से गतिमान एक्सप्रेस से ग्वालियर पहुंचे 60 वर्षीय इंजीनियर राजीव खन्ना ने जीआरपी थाने में 10 लाख रुपये नकद से भरा सूटकेस चोरी होने की शिकायत दर्ज कराई। बड़ी रकम होने के कारण यात्री काफी परेशान थे। शिकायत मिलते ही जीआरपी ने तत्काल कार्रवाई शुरू करते हुए स्टेशन और थाने के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच की। फुटेज में यात्री थाने तक खाली हाथ पहुंचते दिखाई दिए, जिससे पुलिस को सूटकेस ट्रेन में छूटने की आशंका हुई। इसके बाद गतिमान एक्सप्रेस में मौजूद जीआरपी स्टाफ को सूचना दी गई। यात्री द्वारा बताई गई सीट और कोच की जानकारी के आधार पर ट्रेन में तलाशी अभियान चलाया गया।