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मसालों में बदला मिलावट का ट्रेंड, लकड़ी के बुरादे की जगह ग्वालियर में मिला रहे स्टार्च, बढ़ रहा लोगों का वजन

Spices Adulteration trend shift : दाल बाजार में खाद्य विभाग की जांच में खुलासा, धनिया का सैंपल फेल होने पर 20 हजार रुपए का जुर्माना लगाया गया।

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Spices Adulteration trend shift

Spices Adulteration trend shift (मसालों में बदला मिलावट का ट्रेंड Photo Source- Patrika)

Gwalior News :मध्य प्रदेश के ग्वालियर का दाल बाजार अब मिलावटखोरों का नया हॉट स्पॉट बनता जा रहा है। मुनाफाखोरी की होड़ में लोगों की सेहत से खिलवाड़ करने वालों ने अब मिलावट का तरीका भी बदल दिया है। मसालों का वजन बढ़ाने के लिए पहले जहां अवैध रूप से लकड़ी के बुरादे का इस्तेमाल किया जाता था, वहीं अब उसकी जगह स्टार्च ने ले ली है।

खाद्य सुरक्षा विभाग की जांच में खुलासा हुआ है कि, धनिया पाउडर में चावल का आटा मिलाकर उसका वजन बढ़ाया जा रहा है। मामले में संबंधित कारोबारी पर 20 हजार रुपए का जुर्माना लगाया गया है। ग्वालियर चंबल में मिलावट का मीटर हाई है, यहां भिंड, मुरैना से नजदीकी के चलते मिलावट का दूध, घी आम बात है।

मोटापा बढ़ने और किडनी सिकुड़ने की संभावना

एक्सपर्ट्स की मानें तो लंब समय तक स्टार्च का सेवन करने से मोटापा बढ़ना तय है। यही नहीं इसकी अधिकता से किडनी सिकुड़ने की संभावना भी बेहद ज्यादा होती है। खाद्य सुरक्षा विभाग ने दाल बाजार स्थित एक पिसाई केंद्र से धनिया पाउडर का सैंपल लिया। इसी सैंपल की लैब जांच में स्टार्च की पुष्टि हुई है। विभाग ने उनके यहां से तीन सैंपल लिए थे, जिनमें दो पास हो गए, जबकि धनिया सैंपल फेल हो गया। खाद्य सुरक्षा निरीक्षक बीएस सिरोमणी ने बताया कि, धनिया में चावल का आटा मिलाया गया था।

दूध शुद्ध मिला पर रजिस्टे्रशन नहीं

खाद्य विभाग की जांच में दूध के सैंपल तो मानकों के अनुरूप पाए गए, लेकिन कई दूध कारोबारी अनिवार्य रजिस्ट्रेशन के बिना ही शहर में दूध का परिवहन करते मिले। इस पर विभाग ने कार्रवाई करते हुए चार दूधियों पर 10-10 हजार रुपए का जुर्माना लगाया है। इसमें उमाचरण, रामेंद्र, जसवंत सत्येंद्र शामिल हैं।

इसलिए बढ़ा स्टार्च का इस्तेमाल

बाजार विश्लेषकों के अनुसार मसाले महंगे होने के कारण थोड़ी-सी मिलावट से भी बड़ा मुनाफा कमाया जा सकता है। पहले हल्दी में चावल का आटा और धनिया में लकड़ी का बुरादा मिलाने के मामले सामने आते थे, लेकिन लकड़ी से वजन ज्यादा नहीं बढ़ता था। यही वजह है कि अब मिलावटखोर सीधे चावल के आटे यानी स्टार्च का इस्तेमाल करने लगे हैं। धनिया की पिसाई के दौरान चावल का आटा मिलाने से सामान्य उपभोक्ता के लिए मिलावट पहचान पाना लगभग असंभव हो जाता है।

क्या कहते हैं एक्सपर्ट्स ?

जीआरएमसी मेडिसिन विभाग के डॉ. अजय पाल सिंह का कहना है कि, मसालों में स्टार्च (मिलावट) मिलाने से इंसानी शरीर को काफी गंभीर परेशानियां आ सकती हैं। अगर कोई व्यक्ति अनजाने में इसका सेवन कुछ समय तक ही करता है, तो उसे उल्टी, दस्त के साथ पेट की अन्य गंभीर समस्याएं हो सकती हैं। वहीं अगर लंबे समय तक इस मिलावटी मसाले का सेवन जारी रहता है, तो यह जानलेवा साबित हो सकता है, इससे इंसान की किडनी तक सिकुड़ जाती है, वजन बढ़ जाता है।

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