
यूजीसी कानून पर भले ही सुप्रीम कोर्ट ने स्टे लगा दिया है, लेकिन इसे काले लेकर लोगों का गुस्सा थमने का नाम नहीं ले रहा है। सवर्ण समाज की मांग है कि सरकार इस काले कानून को वापस ले। जिसके विरोध में सवर्ण समाज ने जमकर प्रदर्शन किया। एडवोकेट अनिल मिश्रा के नेतृत्व में एक हजार से अधिक लोग अलकापुरी तिराहे पर एकत्रित हुए, जहां से रैली के रूप में कलेक्ट्रेट पहुंचे और वहां राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन के जरिए मांग की गई छात्रों में वर्ण भेद करने वाले कानून यूजीसी को तत्काल प्रभाव से सरकार वापस ले, नहीं तो श्रवण समाज एकत्रित हो सडक़ों पर उतरेगा हम अपने स्वाभिमान के साथ एवं अपने आने वाली पीढ़ी के साथ किसी प्रकार का अन्याय नहीं होने देंगे। इस दौरान सवर्ण समाज के तमाम संगठन मौजूद रहे, जिसमें अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा, ब्राहृाा महासभा, वॉइस ऑफ स्टूडेंट इक्वलिटी, परशुराम ब्राहृाण रेजीमेंट, क्राइस्ट महासभा, वैश्य संगठन सहित कई संगठन ने हिस्सेदारी ली।
छात्रों ने शर्ट उतारकर किया प्रदर्शन
ज्ञापन के समय वॉइस ऑफ स्टूडेंट इक्वलिटी के युवा कुलदीप काकोरिया और उनके सहयोगी द्वारा अपनी शर्ट उतार कर प्रदर्शन किया उनका कहना था सरकार जब हमारे अधिकारों का हनन कर रही है तो हम वस्त्र पहन कर क्या करेंगे। ज्ञापन का वाचन अनिल मिश्रा ने किया। इस अवसर पर सुरेंद्र सिंह तोमर, अखिलेश पांडे, सुनील पटेरिया, शैलेंद्र सिंह कुशवाहा, संजीव गर्ग, राजा चौहान, हरेंद्र शर्मा, बृजेश सिंह तोमर, सत्येंद्र भदौरिया, राजकुमार सिकरवार, एड. आशुतोष दुबे, एड. गौरव व्यास, एड. बृजराज सिंह भदौरिया, दीपांकर मिश्रा, अशोक तोमर छोटू, कुलदीप कांकोरिया, सनी शर्मा, अवनीश शर्मा, धारा शर्मा, प्रदीप शर्मा आरोली, आलोक चतुर्वेदी, विष्णु प्रताप सिंह भदौरिया, मोहित ऋषिश्वर, रामकुमार सिंह सिकरवार, दिलीप तपा, रामनारायण मिश्रा, अशोक सक्सेना, अरविंद शुक्ला, हरिदास अग्रवाल, महेंद्र सिंह तोमर, रामवीर उपाध्याय ऋषीश्वर, रामवरण शास्त्री आदि उपस्थित रहे।