MP News: 51 फीट ऊंची वनवासी श्रीराम प्रतिमा आखिरकार विवादों के बाद रायपुर के लिए रवाना हो गई। 80 लाख भुगतान के निपटारे के साथ अब यह राम पथ गमन परियोजना का हिस्सा बनेगी।
Vanvasi Shri Ram Statue: ग्वालियर के रीजनल आर्ट एंड क्राफ्ट डिजाइन सेंटर, मोतीमहल में बनकर तैयार हुई भगवान श्रीराम की 51 फीट ऊंची वनवासी प्रतिमा आखिरकार रायपुर के लिए रवाना हो गई। प्रतिमा भुगतान विवाद के चलते पूर्व में इसे मुरैना जिले के एंती पर्वत स्थित शनिश्चरा धाम में लगने वाली सप्तऋषि की प्रतिमाओं के साथ स्थापित किया जाने वाला था, हालांकि बाद में इसके निपटने के बाद अब इसे क्रेन से उठाकर ट्रॉले के जरिए रायपुर के लिए ही रवाना कर दिया गया है।
यह प्रतिमा छत्तीसगढ़ सरकार की 'राम पथ गमन' परियोजना (Ram Path Gaman Project) का हिस्सा थी, जिसे ग्वालियर के मूर्तिकार दीपक विश्वकर्मा ने तैयार किया है। इसे चंदखुरी स्थित कौशल्या माता मंदिर परिसर में विराजित किया जाएगा। पत्रिका ने इसे लेकर 26 नवंबर 2025 के अंक में खबर के रूप में प्रमुखता के साथ प्रकाशित किया था। मूर्तिकार दीपक विश्वकर्मा ने बताया कि 80 लाख रुपए का पूरा भुगतान हो चुका है। ये प्रतिमा शनिवार रात तक रायपुर पहुंच जाएगी। इसके परिवहन में करीब दो से ढाई लाख रुपए का खर्च हो रहा है। (MP News)
कांग्रेस सरकार में चंदखुरी में श्रीराम की 51 फीट ऊंबी राम प्रतिमा साल 2021 में स्थापित की गई थी। यह प्रतिमा टीसीआईएल संस्था की ओर से लगाई गई थी। इसके बाद प्रतिमा के मुख बनावट और गुणवत्ता पर उठाए गए सवाल के बाद प्रतिमा भगवान राम के अनुरूप नहीं मानी गई। भाजपा सरकार ने रिप्लेसमेंट की मांग की।