सागर में सेना की भर्ती में भीड़़ ने मचाया उत्पात, शहर को याद आए दहशत के वो 7 घंटे

सागर में हो रही भर्र्ती में भीड़ ने हंगामा कर दिया है। युवा भीड़ पुलिस और प्रशासन के काबू से बाहर है। सागर में आज से भर्ती शुरू हुई है, जिसमें अंचल के भिंड, मुरैना, ग्वालियर के युवाओं की भर्ती होना है। ऐसा कोई पहली बार नहीं हो रहा है, जब आर्मी की भर्ती से लोगों को और रेलवे को परेशानी हुई हो।
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Updated: 18 Jan 2017, 2:58 PM IST
violence in army recruitment
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ग्वालियर। सागर में हो रही भर्र्ती में भीड़ ने हंगामा कर दिया है। युवा भीड़ पुलिस और प्रशासन के काबू से बाहर है। सागर में आज से भर्ती शुरू हुई है, जिसमें अंचल के भिंड, मुरैना, ग्वालियर के युवाओं की भर्ती होना है। ऐसा कोई पहली बार नहीं हो रहा है, जब आर्मी की भर्ती से लोगों को और रेलवे को परेशानी हुई हो।









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सेना की भर्ती में अक्सर भीड़ बेकाबू होती है तो उसका खामियाजा हजारों लोगों को भुगतना पड़ता है। इससे पहले 2014 के नवम्बर में ग्वालियर ने दहशत को वो मंजर देखा था, जहां 30 हजार से ज्यादा युवा सड़कों पर हुडदंग मचा रहे थे। हुडदंगी लोगों को पीट रहे थे और महिलाओं से छेड़छाड़ कर रहे थे। सागर में भी ऐसे हालात बन चुके हैं। पत्रिका आपको ऐसे ही कई मामले बताने जा रहा है, जिससे सुनकर आपके रौंगेटे खड़े हो जाएंगे।








सेना की वो भर्ती कभी नहीं भूल पाएगा शहर

12 नवम्बर 2014 का दिन । अभी तक शहर में सब कुछ सामान्य था। शहर के बीचो बीच मेला ग्राउंड पर सेना की भर्ती चल रही थी और हजारों की तादाद में युवा भर्ती देखने आए थे। कुछ अनुशासन हीनता पर सेना ने भर्ती को रद्द कर दिया, जिससे भीड़ नाराज हो गई और उन्होंने आर्मी भर्ती में हुड़दंग मचा दिया।


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ये भीड़ शहर के जिस हिस्से से निकली, वहां उन्होंने भीषण उत्पाद मचाया। कई गाडिय़ों को फूंक दिया गया और सड़क से निकलने वाले राहगीरों के साथ मारपीट लूट भी हुई। शहर करीब 6 घंटों तक उत्पातियों की हवाले रहा और इन उत्पातियों ने महिलाओं को भी नही छोड़ा। प्रशासन ने जैसे तैसे इस भीड़ को अपने अपने स्थान तक पहुंचाने की कोशिश की और उन्हें ट्रेनों में बिठवाया, लेकिन भीड़ ने ट्रेनों में भी काफी उत्पाद मचाया। बता दें कि उस दिन सेना में भिंड, मुरैना, दतिया,छतरपुर सहित कई जिलों के युवाओं के लिए भर्ती रखी गई थी।


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भगवान का नाम लेकर महिलाओं ने काटा सफर, बचाई आबरू
आज से ठीक 1 साल पहले 19 जनवरी 2016 का दिन कुछ परिवार कभी भूल नहीं पाएंगे। सागर में सेना की भर्ती चल रही थी। सेना की भर्ती से रिजेक्ट हुए उम्मीदवार अपने घर जा रहे थे और वो जिस ट्रेन में चढृते बस वहीं उत्पात मचाते। ऐसा ही एक मंजर देखने को मिला था 19 जनवरी 2016 को जब ग्वालियर के कुछ परिवार चंबल एक्सप्रेस से ग्वालियर वापिस आ रहे थे। तभी ये हुडदंगी भी ट्रेन में चढ़े। लौट रही भीड़ ने चंबल एक्सप्रेस पर कब्जा कर लिया और सभी कोचों में लोगों को रिर्जव्ड सीटों से हटा दिया और खुद बैठ गए।


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कोच में बैठी महिलाओं और युवतियों पर गंदे फब्ते कसे और उनके साथ शारीरिक छेड़छाड़ की। ग्वालियर के एक परिवार ने बताया कि उस दिन चंबल एक्सप्रेस में भीड़ ने ऐसा उत्पाद मचाया कि हमने भगवान का नाम लेकर अपनी जान और आबरू दोनो बचाई। ये परिवार अपनी जो बेटियों के साथ यात्रा कर रहा था। भीड़ का आलम ये था कि वो सरेआम महिलाओं और युवतियों से छेड़छाड़ कर रहे थे और कोई रोके तो उसकी पिटाई कर उसे ट्रेन से फेंकने पर उतारू हो जाते। ऐसा ही हाल शहर के कई परिवारों का है, जिन्होंने वो दहशत वाला मंजर देखा है।

(सभी फोटो फाइल फोटो हैं।)
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