30 अक्टूबर 2026,

शुक्रवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

Jaipur Rain: बेमौसम बारिश से मंडी का हाल बेहाल, 10 हजार बोरी बाजरे की जिंस भीगी

बस्सी कृषि उपज मंडी में शुक्रवार सुबह हुई तेज बारिश से करीब 10 हजार बोरी बाजरा भीग गया। जिंस को खराब होने से बचाने के लिए अब बोरियों से निकालकर सुखाया जाएगा। इस कारण मंडी में कारोबार सोमवार से शुरू होगा। दूसरी ओर, बस्सी, चाकसू और जमवारामगढ़ में बारिश से रबी फसलों की बुवाई को फायदा मिलने की उम्मीद है।
3 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

जयपुर

•

image

Kamal Mishra

•

Updated: 30 Oct 2026, 4:37 PM IST

Bassi Mandi

Bassi Mandi: बरसात में भीगी बाजरे की जिंस की बोरी। (फोटो-पत्रिका)

जयपुर। बेमौसम बारिश ने किसानों के लिए जहां रबी की फसलों की बुवाई का रास्ता आसान किया है, वहीं जयपुर जिले की बस्सी कृषि उपज मंडी में व्यापारियों को बड़ा नुकसान उठाना पड़ा है। शुक्रवार सुबह हुई तेज बारिश से मंडी यार्ड में पानी भर गया और खुले में रखी बाजरे की करीब 10 हजार बोरियां भीग गईं। अब इस बाजरे को बोरियों से निकालकर सुखाना पड़ेगा। इसके बाद दोबारा बारदानों में भरकर गोदाम तक पहुंचाया जाएगा। इस पूरी प्रक्रिया में दो से तीन दिन लगने की संभावना है। इसी को देखते हुए मंडी व्यापार एसोसिएशन ने सोमवार से कारोबार शुरू करने का निर्णय लिया है।

मंडी व्यापारी विनय डंगायच के अनुसार, बुधवार को मंडी में करीब 22 हजार बोरी बाजरे की आवक हुई थी। इसमें से लगभग आधी जिंस का उठाव कर लिया गया था, जबकि बाकी माल मंडी यार्ड में रखा था। गुरुवार को भी उठाव होना था, लेकिन काम के दौरान बारिश शुरू होने से माल नहीं उठाया जा सका। शुक्रवार सुबह तेज बारिश के साथ मंडी परिसर में पानी भर गया। इससे करीब 10 हजार बोरी बाजरा भीग गया।

माल की चमक पड़ सकती है फीकी

व्यापारियों ने भीगी बोरियों को व्यवस्थित ढंग से रखवाया है, लेकिन नमी वाले बाजरे को सीधे गोदाम में रखना मुश्किल है। ऐसा करने पर जिंस के खराब होने का खतरा है। अब मौसम साफ होने पर बाजरे को फैलाकर सुखाया जाएगा। इसके बाद दोबारा बोरियों में भरकर उठाव किया जाएगा। व्यापारियों का कहना है कि इस प्रक्रिया में माल की चमक प्रभावित होने के साथ उसकी गुणवत्ता पर भी असर पड़ सकता है।

मंडी में नीलामी पूरी होने के बाद जिंस का मालिकाना हक व्यापारी का हो जाता है। ऐसे में बारिश से भीगे बाजरे का नुकसान भी व्यापारियों को ही उठाना पड़ेगा। मंडी में कारोबार प्रभावित होने से किसानों को भी अपनी उपज बेचने के लिए इंतजार करना पड़ेगा। व्यापारियों ने किसानों से सोमवार को ही मंडी में जिंस लेकर आने की अपील की है।

खेतों के लिए राहत, शहर में जलभराव से परेशानी

जयपुर ग्रामीण के बस्सी, चाकसू और जमवारामगढ़ क्षेत्र में गुरुवार से शुरू हुआ बारिश का दौर शुक्रवार को तेज हो गया। कई जगह मूसलाधार तो कई स्थानों पर मध्यम बारिश हुई। इसका फायदा उन किसानों को मिलेगा, जिन्होंने चना और सरसों की बुवाई कर दी है। वहीं जिन खेतों में नमी की कमी के कारण बुवाई अटकी हुई थी, वहां अब रबी फसलों की बुवाई आसान होगी। कृषि अधिकारियों के अनुसार, बारिश से जौ का रकबा बढ़ने और कुछ इलाकों में गेहूं की बुवाई का रास्ता भी खुल सकता है। इससे सिंचाई के लिए कुओं और बोरवेल के पानी के साथ बिजली की भी बचत होगी।

बारिश के बाद तापमान में गिरावट

उधर, बस्सी शहर में बारिश ने जनजीवन प्रभावित किया। कल्याणगंज, अस्पताल रोड सहित कई कॉलोनियों में पानी भर गया। कुछ सड़कों पर डेढ़ से दो फीट तक पानी बहने से लोगों को आवागमन में परेशानी हुई। राधामोहन सैन के मुताबिक, निचले इलाकों में जलभराव के कारण स्थानीय लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। बारिश के बाद तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई। गुरुवार को अधिकतम तापमान 24 डिग्री सेल्सियस था, जो शुक्रवार को गिरकर 18 डिग्री पर पहुंच गया। अचानक ठंड बढ़ने से लोगों को गर्म कपड़ों का सहारा लेना पड़ा।

यह वीडियो भी देखें :