मिडल ईस्ट में ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव ने अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों को बढ़ा दिया है। नतीजा घरेलू बाजार में पेट्रोल और डीजल के दाम आम आदमी के बजट को प्रभावित कर रहे हैं। लेकिन, ग्वालियर के सूझबूझ वाले वाहन चालकों ने इस संकट का एक तोड़ निकाल लिया है।
ग्वालियर. मिडल ईस्ट में ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव ने अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों को बढ़ा दिया है। नतीजा घरेलू बाजार में पेट्रोल और डीजल के दाम आम आदमी के बजट को प्रभावित कर रहे हैं। लेकिन, ग्वालियर के सूझबूझ वाले वाहन चालकों ने इस संकट का एक तोड़ निकाल लिया है। तेल के इस खेल से तंग आकर शहरवासी अब तेजी से इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर की ओर शिफ्ट हो रहे हैं। आलम यह है कि शहर के शोरूम्स पर पैर रखने की जगह नहीं है और कई स्कूटर्स पर तो एक-एक महीने की लंबी वेङ्क्षटग चल रही है।
पहले दिनभर में आती थीं 12 इंक्वायरी, अब लग रहा शतक
ग्वालियर के ऑटोमोबाइल बाजार में इन दिनों गजब का यू-टर्न देखने को मिल रहा है। जनवरी से पहले तक जिन शोरूम्स में सन्नाटा पसरा रहता था, वहां अब ग्राहकों का मेला लगा है।
मांग बढ़ते ही कंपनियों ने भी दिखाए तेवर, 8-10 हजार तक बढ़ाए दाम
जब डिमांड बढ़ती है, तो कीमतें बढऩा भी तय है। इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर की आसमान छूती लोकप्रियता को देखते हुए प्रमुख कंपनियों ने भी मौके पर चौका मार दिया है। पिछले दो से तीन महीनों के भीतर ही अलग-अलग मॉडल्स पर 8 से 10 हजार रुपए तक दाम बढ़ा दिए गए हैं। इसके बावजूद ग्राहकों का उत्साह कम नहीं हो रहा है, क्योंकि लोगों को समझ आ गया है कि एक बार की यह जेब ढीली, भविष्य की बड़ी बचत की गारंटी है।
नया गणित
-इंक्वायरी में उछाल : जनवरी से पहले रोजाना महज 10 से 12 लोग इवी के बारे में पूछने आते थे, आज यह आंकड़ा 100 के पार पहुंच चुका है।
-बिक्री का रिकॉर्ड : नवंबर-दिसंबर में जहां शहर में बमुश्किल 500 गाड़ियां बिकती थीं, वहीं अब हर महीने 700 से 800 इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर धड़ल्ले से बिक रहे हैं।
-ग्रोथ : इस साल (2026) इवी बाजार में 20 से 25 फीसदी का बंपर उछाल दर्ज किया गया है।
जेब का गणित: समझिए पेट्रोल और इलेक्ट्रिक का माइंड ब्लोइंग अंतर
खर्च का पैमाना पेट्रोल व्हीकल इलेक्ट्रिक व्हीकल
रोज का सफर 40 किलोमीटर 40 किलोमीटर
प्रति 100 किमी खर्च 260 से 300 रुपए 35 से 40 रुपए
रोजाना का खर्च 110 से 120 रुपए 15 से 20 रुपए
महीने का कुल खर्च 3500 से 5000 रुपए 800 से 1200 रुपए
सालाना अनुमानित खर्च 45 हजार 10 से 15 हजार मात्र
बिक्री में जोरदार उछाल
जनवरी के मुकाबले बाजार बदल गया है। नवंबर-दिसंबर की मंदी के बाद अब हर माह 800 के गाड़ियां बिक रही हैं। 2026 में ईवी बाजार ने 25% की ग्रोथ पकड़ी है।
हरिओम नागपाल, ऑटो डीलर
शॉर्टेज और वेटिंग की स्थिति
बाजार में एकदम से इतनी जबरदस्त डिमांड निकली है कि सप्लाई करना मुश्किल हो रहा है। कई पसंदीदा मॉडल्स के लिए ग्राहकों को एक महीने तक का इंतजार करना पड़ रहा है।
उमेश उप्पल, इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर कारोबारी