ग्वालियर

डॉक्टर की अभद्रता के खिलाफ सड़कों पर उतरी महिलाएं

डॉक्टर की अभद्रता के खिलाफ सड़कों पर उतरी महिलाएं
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Apr 27, 2018
Women on the streets

ग्वालियर। भूख हड़ताल के चलते हालत बिगडऩे पर स्वास्थ्य परीक्षण करने पहुंचे जिला अस्पताल के एक डॉक्टर द्वारा महिलाओं से अभद्रता किए जाने से नाराज सैकड़ों की संख्या में आशा,ऊषाओं ने पहले सिविल सर्जन कार्यालय के बाहर नारेबाजी की इसके बाद जिला अस्पताल के सामने सड़क पर चक्काजाम कर दिया।गुरुवार को दोपहर ६ दिन से भूख हड़ताल पर बैठी आशा कांति देवी की हालत बिगड़ गई थी। सूचना के बाद अस्पताल प्रशासन की ओर से मेडिकल ऑफिसर डा. एसके विरथरिया को स्वास्थ्य परीक्षण के लिए भेजा गया।

डॉ. विरथरिया द्वारा महिलाओं से परीक्षण के दौरान अभद्रता कर दिए जाने से नाराज आशा, ऊषाओं ने सिविल सर्जन ऑफिस पर नारेबाजी करने के बाद जाम लगा दिया। मौके पर पहुंचे एडीएम टीएनसिंह, एसडीएम संतोष तिवारी ने आंदोलनकारी महिलाओं को समझाने की कोशिश की। महिलाओं की मांग पर महिलाओं की देखभाल करने के लिए एक डॉक्टर तथा गार्ड की नियुक्ति कर दी गई है। सिविल सर्जन डॉ. अजीत मिश्रा ने भी हड़ताली महिलाओं से चर्चा की है।

आशाओं को हड़ताल समाप्त करने के लिए रात ११ बजे तक का समय दिया गया है। देर शाम हालत बिगडने पर आशा ,उषा, सहयोगिनी कार्यकर्ता संगठन की जिला अध्यक्ष लक्ष्मी कौरव को भी आईसीयू में भर्ती करा दिया गया है। गुरुवार को हड़ताल पर बैठने वाली महिलाओं में राजकुमारी बंसल, ऊषा नरवरिया, प्रियंका शिवहरे, ममता राजावत, रानी चौहान आदि शामिल है। नियमितीकरण समेत पांच सूत्रीय मांगों को लेकर संगठन की ओर से पिछली १० मार्च से आंदोलन किया जा रहा है।

विधायक ने तुड़वाया अनशन
देर शाम विधायक नरेंद्र सिंह कुशवाह, एडीएम टीएनसिंह, एसडीएम संतोष तिवारी, सिविल सर्जन अनशन पर बैठी आशा, ऊषा के बीच पहुंचे और मांगों को लेकर जिला अध्यक्ष लक्ष्मी कौरव से चर्चा की। सीएम ने आश्वासन दिया है कि वे जल्दी ही इस संबंध में सीएम से चर्चा करने के बाद कोई हल निकालेंगे। सहमति बनने के बाद विधायक ने फ्रूटी पिलवाकर अनशन तुड़वा दिया।

Published on:
27 Apr 2018 03:47 pm