
ग्वालियर. उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि कांग्रेस शासित राज्यों में नागरिकता संशोधन कानून (सीएए ) लागू नहीं करने की घोषणा कर भारत की संघीय व्यवस्था पर प्रहार करने की कोशिश कर रहे हैं। कांग्रेस ने आपातकाल लगाकर लोकतंत्र का गला घोंटा था, अब वह लोकतंत्र का चीरहरण करने का कुत्सित प्रयास कर रही है। लेकिन हम ऐसा नहीं होने देंगे।
आदित्यनाथ ने यह बात शनिवार को ग्वालियर में सीएए के समर्थन में जनजागरण सभा में कही। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने लोकसभा चुनाव में भ्रम फैलाया, लेकिन जनता ने उसके मुंह पर तमाचा मारा। अब सीएए पर भी झूठ बोला जा रहा है, इसलिए एक बार फिर जनता के बीच आना पड़ा है। यह रैली कांग्रेस और वामपंथियों के सीएए को लेकर फैलाए जा रहे झूठ का पर्दाफाश करने के लिए है। जो देश विरोधी ताकतें अंतिम सांसे ले रही थी उन्हें यह दल देश में हिंसा फैलाकर ऑक्सीजन देने का काम कर रहे हैं। हम यह सब मौन रहकर नहीं देख सकते।
शरणार्थियों और घुसपैठियों में कांग्रेस को कोई फर्क नहीं
कांग्रेस को शरणार्थियों और घुसपैठियों में कोई अंतर महसूस नहीं होता। जिस पाकिस्तान का निर्माण जनसंहार से हुआ, वहां प्रताडि़त होने वाले जैन, सिख, बौद्ध और हिन्दुओं को भारत में लाकर नागरिकता देने में क्या बुराई है। कोलकाता के जोगिंदरनाथ मंडल ने पाकिस्तान निर्माण का समर्थन किया था उन्हें भी वहां कानून मंत्री के पद से इस्तीफा देकर भारत आना पड़ा। गुमनामी की जिंदगी जीते हुए उनकी मौत हो गई।
अभी तक योजनाओं में कोई भेदभाव नहीं, फिर ऐसा क्यों
उन्होंने कहा कि मोदी सरकार की योजनाओं का हवाला देते हुए कि इनका लाभ किसी जाति-मजहब को देखकर नहीं दिया गया। किसी योजना में भेदभाव नहीं किया तो सीएए को लेकर भ्रम क्यों फैलाया जा रहा है। सीएए नागरिकता देने के लिए है किसी से नागरिकता छीनने के लिए नहीं।
भारत में जन्म लिया, उस मुस्लिम को सम्मान मिलेगा
भारत में रहने वाले मुस्लिमों को समान अधिकार हैं। जिसने भी यहां जन्म लिया है वह पूरे सम्मान के साथ यहां रहेगा। मोदी सरकार उसके लिए भी सम्मान और समृद्धि की योजना बना रही है। कांग्रेस और विपक्षी दल माहौल खराब करने का काम कर रहे हैं।
कांग्रेस ने जो इतिहास बदल दिया उसके पन्नों को फिर पलटना होगा
कांग्रेस ने जो इतिहास बदल दिया, उसके पन्नों को एक बार फिर पलटना होगा। तुष्टिकरण के लिए पाकिस्तान बना दिया। कांग्रेस की एक टीम आजादी के बाद सत्ता चाहती थी और सत्ता में आई भी। लेकिन मोदी ने 2014 में प्रधानमंत्री बनते ही कह दिया था कि सबका विकास होगा, पर तुष्टिकरण किसी का नहीं।
जेएनयू में वामपंथियों ने ही किए हमले, बेनकाब हो गए
वामपंथियों और कांग्रेस ने जेएनयू को लेकर भी झूठ फैलाने का प्रयास किया है। उनका काम है सौ बार झूठ बोलो, ताकि वह सच लगने लगे। यही काम जेएनयू में किया। दिल्ली की क्राइम यूनिट ने वास्तविक तथ्य देश के सामने रखे तो वामपंथी संगठन के पदाधिकारी ही वहां हमला करते हुए नजर आए। उच्च शिक्षण संस्था को गुण्डागर्दी का अड्डा बनाया है। हमारा दायित्व है कि हम इन संस्थाओं की रक्षा करें। इन लोगों ने जेएनयू को बदनाम कर दिया है।
धारा 370 हटाई, पाक अधिकृत कश्मीर भी भारत आना चाह रहा
योगी ने कश्मीर को लेकर कहा कि धारा 370 को समाप्त करने का साहस मोदी सरकार ने किया। अब वहां पत्थरबाज नहीं दिखते। विदेशी राजनयिक वहां होकर आए, सब शांति है। अब पाक अधिकृत कश्मीर में भी लोग भारत के साथ मिलने की मांग उठ रही है।
सरकारें उपद्रवियों को अहसास कराए कि गुंडागर्दी नहीं चलेगी
उन्होंने कहा कि सीएए के विरोध में कांग्रेस और विपक्षी दलों ने उकसाने का काम किया। उत्तरप्रदेश में हिंसा फैलाई तब मैंने आंदोलन की वीडियोग्राफी कराई और हिंसा करने वालों के पोस्टर चौराहों पर लगाए। नुकसान की कई गुना वसूली कराई। अब हिंसा फैलाने वाले हमारे पास आ रहे हैं कि गलती हो गई। देश की संपत्ति की सुरक्षा का दायित्व हमारा है, यदि ऐसा होता है तो सरकार को यह एहसास कराना चाहिए किए तोडफ़ोड़ की राजनीति नहीं चलेगी।
भगवा झंडे ज्यादा लहराए- मंच के ऊपर तिरंगा झंडा लगाया गया था, लेकिन सभास्थल पर अधिकांश कार्यकर्ताओं के हाथ में बड़े-बड़े भगवा ध्वज थे।
सीएए से ज्यादा राममंदिर पर उत्साह : आदित्यनाथ ने जैसे ही अपने भाषण के दौरान राममंदिर फैसले का जिक्र किया, सभास्थल पर जयश्रीराम के नारे लगने लगे और ढोल-नगाड़े बज उठे।
गौरक्ष पीठ के पीठाधीश्वर : मंच से जितनी बार भी योगी आदित्यनाथ का नाम लिया गया, उनके पदनाम में मुख्यमंत्री के साथ गौरक्ष पीठ के पीठाधीश्वर भी बोला गया।