विधानसभा में गूंजा अन्ना मवेशियों का मुद्दा, गौशालाएं स्थापित करने की मांग

सूखे की मार झेल रहे बुन्देली किसानों के सामने दूसरी सबसे बड़ी मुसीबत बन चुके अन्ना मवेशियों का मुद्दा गुरूवार को विधानसभा में भी गूंजा।
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Updated: 23 Dec 2016, 10:23 AM IST
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हमीरपुर। सूखे की मार झेल रहे बुन्देली किसानों के सामने दूसरी सबसे बड़ी मुसीबत बन चुके अन्ना मवेशियों का मुद्दा गुरूवार को विधानसभा में भी गूंजा। राठ के कांग्रेस विधायक गयादीन अनुरागी जनपद सहित बुंदेखण्ड के सातों जनपदों कि स्थिति से सदन को रूबरू कराते हुए सरकार से इस प्रथा पर अंकुश लगाने के लिए प्रत्येक न्याय पंचायत स्तर पर गौशालाएं खुलवाये जाने की मांग की। गुरूवार को विधान सभा में विधायक अनुरागी ने नियम 301 के अंतर्गत किसानों की समस्याओं को प्रमुखता से उठाया। उन्होंने अन्ना प्रथा की ओर सदन का ध्यान आकृष्ट कराते हुए बताया के बुंदेलखंड के सभी जिले इस वक्त सूखे की मार से टूट चुके हैं। ऐसे में किसानों के पास अपने मवेशियों को खूंटे में बांधकर खिलाने तक का इंतेज़ाम नहीं है। जिसके चलते हजारों की संख्या में अन्ना मवेशी सड़कों, खेतों, खलिहानों और जंगलों में भटक रहे हैं, जो फसलों को नुक्सान पहुंचा रहे हैं।

कर्ज लेकर बुवाई करने वाले किसान बर्बाद हुए

कांग्रेस विधायक गयादीन अनुरागी ने बताया कि बुंदेलखंड के किसान लगातार पड़ रहे सूखे के कारण कर्जे में फंसे हुए हैं। कर्जदार किसान आत्महत्या जैसे आत्मघाती कदम भी उठा रहे हैं। नोटबन्दी के बावज़ूद किसान ने कर्ज लेकर खेतों में बुवाई की थी लेकिन अन्ना मवेशियों से उनके मनसूबों पर पानी फिर चुका है। विधायक गयादीन अनुरागी ने सरकार से मांग की है कि इस प्रथा पर प्रभावी अंकुश लगते हुए न्याय पंचयत स्तर पर गौशालाएं स्थापित कर उनके खाने पीने का बन्दोबस्त किया जाए।



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