https://www.patrika.com/hanumangarh-news/ हनुमानगढ़. प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना जिले के किसानों के लिए अहम है। कलक्टर नथमल डिडेल ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि कृषि प्रधान जिले के किसानों को इस योजना का अधिकतम लाभ दिलाने का प्रयास करना चाहिए। जिले में यह योजना वर्ष 2016 से चल रही है।
जिले में व्यक्तिगत बीमा क्लेम के 635 प्रकरण पंजीकृत
-सर्वेक्षण कार्य पूर्ण, बीमा क्लेम निर्धारण की कार्यवाही प्रक्रियाधीन
हनुमानगढ़. प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना जिले के किसानों के लिए अहम है। कलक्टर नथमल डिडेल ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि कृषि प्रधान जिले के किसानों को इस योजना का अधिकतम लाभ दिलाने का प्रयास करना चाहिए। जिले में यह योजना वर्ष 2016 से चल रही है। अब भी अगर बीमा कंपनी, बैंक, कृषि विभाग, राजस्व विभाग या किसान की ओर से फसल बीमा को लेकर कोई कमियां रह जाती है तो यह स्थिति ठीक नहीं है।
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में जिला स्तरीय निगरानी समिति व जिला स्तरीय शिकायत निराकरण समिति की बैठक के दौरान कलक्टर ने अधिकारियों से कहा कि फसल बीमा योजना का प्रचार-प्रसार कर दिए गए प्रावधान अनुसार जिले के पात्र कृषकों का अधिक से अधिक संख्या में फसल बीमा कर कृषकों को लाभान्वित करें। कलक्टर ने अधिकृत फसल बीमा कंपनी एआईसी के प्रतिनिधियों को निर्देशित किया है कि गत मौसम की मध्यावस्था में हुए नुकसान के अनुपात में पंजीकृत खरीफ 2020 व खरीफ 2021 के लंबित प्रकरणों पर शीघ्र कार्यवाही कर पात्रतानुसार कृषकों को लाभान्वित किया जाए। जिले में सरसों फसल की बुवाई अधिक रहने की संभावना को देखते हुए निर्देश दिए हैं कि कृषकों में योजना का अधिक से अधिक प्रचार-प्रसार कर कृषकों द्वारा बोई गई वास्तविक फसल का अपनी बैंक शाखा में जानकारी देकर फसल बीमा करवाया जाए। बैंक शाखाएं गत फसल मौसमों में फसल बीमा कार्य में पोर्टल पर अपलोड करने में हुई गलतियों को ध्यान में रखकर अधिक सजगता से फसल बीमा कार्य करें। जिले में खरीफ 2021 में 1 लाख 76 हजार 321 कृषकों के 441318.80 हेक्टेयर क्षेत्र फसलों का फसल बीमा किया गया है। फसल की मध्यावस्था में बेमौसमी वर्षा से बीमित फसलों के नुकसान होने पर व्यक्तिगत बीमा क्लेम के 635 प्रकरण पंजीकृत हुए हंै, इनका सर्वेक्षण कार्य पूर्ण कर बीमा क्लेम निर्धारण की कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। रबी 2019-20 में फसलों की मध्यावस्था में बैमौसम वर्षा से नुकसान के 4521 प्रकरणों में 7.39 करोड़ का व्यक्तिगत क्लेम व रबी 2020-21 में 2755 प्रकरणों में 9.57 करोड़ का व्यक्तिगत क्लेम निर्धारण कर भुगतान किया जा चुका है।