12 साल पहले बरामद हुए हुए नकली घी को एसीबी जयपुर व चिकित्सा विभाग की टीम ने अनसील किया। बीकानेर व श्रीगंगानगर एसीबी ने दिसंबर 2013 में हनुमानगढ़ से नकली घी को सीज किया था। अभी मामला कोर्ट में चल रहा है।
हनुमानगढ़। जांच में नकली पाए गए घी के निस्तारण की कार्रवाई सोमवार को 12 साल बाद अमल में लाई गई। एसीबी जयपुर के एएसपी ज्ञानप्रकाश नवल तथा सीएमएचओ डॉ. नवनीत शर्मा के नेतृत्व में जंक्शन बाजार से जब्त करीब 700 लीटर नकली घी को अनसील करवाया गया तथा निस्तारण की कार्रवाई शुरू कराई।
एएसपी ज्ञानप्रकाश नवल ने बताया कि नकली घी के इस मामले में दिनेश सिंगल व अन्य पर प्राथमिकी दर्ज की गई थी। जब्त घी के सभी सैंपल फेल हो गए थे। निर्धारित प्रक्रिया के बाद नकली पाए गए घी को अनसील करवा कर उसका निस्तारण कराया गया।
एसीबी के अनुसार जब्त किया गया करीब 700 लीटर घी को कोर्ट के आदेश पर सोमवार को नीलाम किया गया। एक साबुन फैक्ट्री को 5100 रुपए में घी नीलाम किया गया। जहां साबुन बनाने में घी का उपयोग होगा। अभी यह मामला कोर्ट में विचाराधीन है।
जयपुर में नकली घी के कारोबार का भंडाफोड़ होने के बाद श्रीगंगानगर व बीकानेर एसीबी की टीम ने 12 दिसंबर 2013 को जंक्शन में घी की दुकान व गोदाम को सीलबंद किया था। इसके बाद 16 जनवरी को जब्त घी की कंपनी, मात्रा, पैकिंग दिनांक, खरीद बिल तथा दुकान के खरीद-विक्रय संबंधी रिकॉर्ड आदि का एसीबी की टीम ने निरीक्षण किया। चिकित्सा विभाग की टीम ने घी के नमूने भी लिए थे जो जांच में फेल हो गए।
सीलबंद दुकान व घर पर अलग-अलग ब्रांड के कई राज्यों में निर्मित घी के पैकेट व कनस्तर मिले थे। दुकान में जांच के दौरान एक किलोग्राम के 32 व आधा किलोग्राम के 32 पैकेट मिले। मावा ब्रांड घी के 32 किलोग्राम के पैकेट मिले। जबकि 23 तरह के ब्रांड के खाली रैपर मिले। गोदाम में डेयरी फूड घी के खाली कनस्तर मिले। केदार ब्रांड घी के प्लास्टिक के खाली जार पाए गए। इसके अलावा करीब डेढ़ हजार प्लास्टिक के बिना ब्रांड के खाली जार भी मिले। बिना किसी मार्के के 480 ग्राम घी के 43 पैकेट, 900 ग्राम घी के 65 पैकेट, 900 ग्राम घी के 15 जार तथा 450 ग्राम घी के 24 जार भी जांच के दौरान मिले थे।