- थाना प्रभारी ने की दोनों भाइयों को पुलिस अधीक्षक से सम्मानित करवाने की घोषणा
हनुमानगढ़. पीलीबंगा उपखंड क्षेत्र के चक 40 एनडीआर में शनिवार करीब सात बजे कृष्ण लाल पुत्र रतीराम मेघवाल के घर में भयंकर आग जल रही थी। मकान मालिक कृष्ण लाल उनकी पत्नी कंचन व पुत्री रेखा घर के अंदर आग की लपटों में घिरे हुए थे। उसी समय दो साहसिक ग्रामीण रामफूल व मनफूल बाजीगर, जिन्होंने अपनी जान जोखिम में डालते हुए घर की दीवार को जेसीबी से तोड़कर आग की लपटों में घिरे मां, बेटी व पिता को जिंदा जलने से बचाया। ग्रामीण रामफूल ने बताया कि कृष्ण लाल के घर की तरफ शोर शराबा सुनकर वह मौके पर पहुंचे। उस समय घर का मुख्य द्वार आग की लपटों से घिरा हुआ था। ग्रामीणों ने परिजनों के घर के अंदर होने की जानकारी देने पर नजदीक ही खेत एक खेत में कार्य कर रही जेसीबी मशीन को बुलवाकर दीवार को तुड़वाया व दोनों भाई जलती आग में घर में कूद गए तथा बेहोशी की हालत में कृष्ण की पत्नी कंचन व पुत्री रेखा को बाहर निकाल।
उस समय कृष्ण लाल के कपड़ों में लगी आग को बूझा कर उसे भी बाहर निकाल लिया। इस दौरान मनफूल राम के सिर में चोट लगने के साथ हाथ भी जले लेकिन उन्होंने अपनी जान की परवाह नहीं करते हुए तीन जनों को जिंदा जलने से बचाकर बाहर निकाल लिया। घर के बाहर खड़े सैकड़ों ग्रामीणों की भीड़ ने दोनों भाइयों की हौसला अफजाई की। थाना प्रभारी इंद्र कुमार वर्मा ने बताया कि सगे भाई रामफूल व मनफूल बाजीगर द्वारा अपनी जान जोखिम में डालकर तीन जनों को जिंदा जलने से बचाने का साहसिक कार्य करने पर पुलिस अधीक्षक से शीघ्र ही उन्हे सम्मानित करवाया जाएगा।
गौरतलब है कि शनिवार शाम को सिलेंडर लीकेज होने से कृष्ण लाल के घर में आग लग गई। जिससे घर में रखा सामान व घर के अंदर ही परचून की दुकान में लाखों का सामान जलकर खाक हो गया। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि घर में लगी भयंकर आग से घर की दीवारों को छोड़कर सबकुछ जलकर खाक हो गया। थाना प्रभारी के अनुसार आगजनी की घटना में गंभीर घायल कृष्ण लाल मेघवाल का इलाज बीकानेर स्थित पीबीएम हॉस्पिटल में चल रहा है जबकि उनकी पत्नी का इलाज जिला अस्पताल में जारी है।(नसं.)