पंजाब से इंदिरागांधी व भाखड़ा नहर में आ रहे प्रदूषित पानी में पहले की तुलना में अब काफी सुधार हुआ है।
हनुमानगढ़.
पंजाब से इंदिरागांधी व भाखड़ा नहर में आ रहे प्रदूषित पानी में पहले की तुलना में अब काफी सुधार हुआ है। गत दो दिनों में नहरी पानी में केमिकल का असर कम हो चुका है। अधिकारियों के मुताबिक फिलहाल पानी का रंग सिर्फ लाल होने की वजह से पानी का भंडारण डिग्गियों में नहीं किया जा रहा।
हालांकि गुरुवार को संगरिया में नहरों में एक बार तो भंडारण शुरू कर दिया था। मगर पानी लाल रंग का होने के कारण अभी डिग्गियों में पानी भंडारण नहीं किया जा रहा है। अधिकारियों ने बताया कि दो तीन दिनों में पानी का रंग साफ होने की संभावना है। इसके बाद ही डिग्गियों में पानी भंडारण शुरू किया जाएगा। उधर विभाग व प्रयोगशाला की ओर से लिए गए पानी सैंपल की रिपोर्ट भी सामान्य बताई जा रही है।
सैंपल में ऑक्सीजन, नाइट्रेट, कोलीफोरम की मात्रा सामान्य है। पीएचईडी हनुमानगढ़ के प्रयोगशाला की ओर से लिए गए पानी के सैंपल रिपोर्ट के मुताबिक नहरी पानी में ऑक्सीजन की मात्रा 6.7 से लेकर 6.9 तक आई है। नाइट्रेट (शोरा) की मात्रा सात आई है। वहीं फ्लोराइड की मात्रा 0.24 से 0.25 तक आई है। जबकि 20 मई को फ्लोराइड की मात्रा 28 थी, जो अब पहले के मुताबिक काफी सामान्य है। कोलीफोरम की मात्रा 11 हजार प्रति मिलीलीटर आई है।
इसमें ब्लीचिंग पाउडर मिलाने पर मात्रा जीरो हो जाएगी। इस बारे में पीएचईडी के अधीक्षण अभियंता अमरचंद गहलोत के अनुसार नहरों में आ रहे प्रदूषित पानी में पहले की तुलना में काफी सुधार हैं। हालांकि गुरुवार को संगरिया की नहरों में पानी भंडारण शुरू किया। इसके बाद पानी का रंग लाल होने पर पुन: भंडारण बंद कर दिया गया। अब पानी बिल्कुल साफ होगा तभी वाटर वक्र्स की डिग्गियों में भंडारण किया जाएगा। इंदिराागांधी नहर से प्रदेश के नौ जिलों को पेयजलापूर्ति होती है।