https://www.patrika.com/hanumangarh-news/ हनुमानगढ़. जिले में गेहूं की सरकारी खरीद का लक्ष्य बढ़ा दिया गया है। मगर गिरदावरी का पेच लगाने व बारदाने की कमी के चलते खरीद प्रभावित हो रही है। किसानों की मांग है कि जब पूरे सीजन में स्वघोषणा पत्र के आधार पर खरीद की गई तो आखिरी दिनों में एफसीआई की ओर से गिरदावरी की अनिवार्यता को लगाना उचित नहीं है।
लक्ष्य बढ़ाकर खरीद नियमों फंसा दिया पेच,समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीद का मामला
-तीस जून तक होगी गेहूं की सरकारी खरीद
हनुमानगढ़. जिले में गेहूं की सरकारी खरीद का लक्ष्य बढ़ा दिया गया है। मगर गिरदावरी का पेच लगाने व बारदाने की कमी के चलते खरीद प्रभावित हो रही है। किसानों की मांग है कि जब पूरे सीजन में स्वघोषणा पत्र के आधार पर खरीद की गई तो आखिरी दिनों में एफसीआई की ओर से गिरदावरी की अनिवार्यता को लगाना उचित नहीं है। मंडियों के हालात ऐसे हो रहे हैं कि बारदाने की कमी से जूझ रहे व्यापारी भी आक्रोशित हो रहे हैं।
ऐसे में तीस जून तक शत-प्रतिशत गेहूं की खरीद हो सकेगी या नहीं। यह सवाल ही बना हुआ है। गौरतलब है कि जिले में अभी तक सात लाख एमटी से अधिक की खरीद हो चुकी है। समर्थन मूल्य पर खरीद होने से किसानों की जेब में करोड़ों रुपए गए हैं। दूसरी तरफ राज्य सरकार को करोड़ों का मंडी टैक्स भी प्राप्त हुआ है।
परंतु हाल ही में २२ जून को एफसीआई की ओर से गिरदावरी की अनिवार्यता लागू करने के निर्णय का किसान विरोध कर रहे हैं। चालू रबी सीजन २०२१-२२ में जिले में १८ केंद्रों पर गेहूं की सरकारी खरीद की गई है। इसमें बीते सप्ताह तक जिले में ४५७७८ किसानों से खरीद की गई है। हनुमानगढ़ जिले के कुल ४१६१७ किसानों को १२५६.०४ करोड़ का भुगतान भी कर दिया गया है। गेहंू की सरकारी खरीद होने से जिले के किसानों की आर्थिक स्थिति सुधरने की उम्मीद है।
यहां भुगतान अटका
संगरिया मंडी में नेफेड ने बीते पखवाड़े तक ६१३५ किसानों से १०८२५० एमटी गेहूं की सरकारी खरीद की है। इसमें ५४१८ किसानों को १८८.७२ करोड़ का भुगतान कर दिया है। जबकि २५.०७ करोड़ का भुगतान उठाव कार्य नहीं होने के कारण रोक लिया गया है। जिले में अबकी बार १९७५ रुपए प्रति क्विंटल के हिसाब से गेहूं की सरकारी खरीद की गई है। बताया जा रहा है कि किसानों की ओर से भुगतान करने की मांग करने के बाद जयपुर से एफसीआई की टीम दो-तीन दिन पहले हनुमानगढ़ आई थी। व्यवहारिक रूप से टीम को जिला प्रशासन को वस्तुस्थिति से अवगत करवाना चाहिए था। मगर जयपुर से आई टीम ने ऐसा नहीं किया।
इतना बढ़ाया खरीद लक्ष्य
बीते पखवाड़े में श्रीगंगानगर व हनुमानगढ़ जिलों में समर्थन मूल्य पर खरीद बंद करने के बाद बाकी बचे गेहूं की समर्थन मूल्य पर खरीद और उसकी समय सीमा बढ़ाने को केंद्र सरकार ने २२ जून को मंजूरी प्रदान कर दी। इसमें केंद्र सरकार ने प्रदेश में पूर्व निर्धारित 22 लाख मीट्रिक टन के लक्ष्य को संशोधित करके 23.25 लाख मीट्रिक टन कर दिया। इसकी खरीद की समय सीमा 30 जून 2021 कर दी। पूर्व में भारत सरकार की ओर से रबी विपणन वर्ष 2020-21 के अंतर्गत न्यूनतम समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीद के लिए राजस्थान राज्य में 22 लाख मीट्रिक टन का लक्ष्य निर्धारित किया गया था और राज्य में १४ जून तक लगभग 22 लाख मीट्रिक टन गेहूं की खरीद की भी जा चुकी थी। इसके बाद छोटी मंडियों में खरीद बंद कर दी गई थी। बाद में सरकार ने किसानों की मांग को वाजिब मानते हुए खरीद लक्ष्य को बढ़ाने का फैसला लिया।
......वर्जन....
खरीद के नए नियम
गेहूं की सरकारी खरीद का लक्ष्य बढ़ा दिया गया है। जिले में जितने बारदाने की मांग की गई थी, उतना उपलब्ध नहीं हुआ है। उपलब्ध बारदाने का वितरण पारदर्शी तरीके से करने का प्रयास है। २२ जून को निर्देश जारी कर एफसीआई ने गिरदावरी की अनिवार्यता लागू कर दी है। इससे पहले स्वघोषणा पत्र ही मान्य था।
-सुभाष सहारण, उप निदेशक, कृषि विपणन विभाग हनुमानगढ़