हनुमानगढ़

जिंदगी रोक रही थी कदम, मौत जबरन बस तक ले गई

हनुमानगढ़. किशनगढ़ मेगा हाइवे पर रावतसर-बरमसर मार्ग पर निजी बस व ट्रक की आमने सामने भिड़ंत होने की घटना में बुधवार को एक अन्य घायल व्यक्ति ने दम तोड़ दिया।

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हनुमानगढ़. किशनगढ़ मेगा हाइवे पर रावतसर-बरमसर मार्ग पर निजी बस व ट्रक की आमने सामने भिड़ंत होने की घटना में बुधवार को एक अन्य घायल व्यक्ति ने दम तोड़ दिया। जानकारी के अनुसार धर्मेंद्र वर्मा (39) पुत्र अशोक वर्मा निवासी सैक्टर छह हुडको कॉलोनी की पीबीएम में उपचार के दौरान मौत हो गई। जिंदगी और मौत से लड़ते हुए धर्मेद्र की सांसे बुधवार को थम गई। पोस्टमार्टम आदि के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। इसके बाद हनुमानगढ़ लाकर शव का अंतिम संस्कार कर दिया गया। गमगीन माहौल में जब धर्मेंद्र का अंतिम संस्कार किया गया तो हर किसी की आंखे नम हो गई। गौरतलब है कि मंगलवार को हुए उक्त हादसे में पांच यात्रियों की मौके पर मौत हो गई थी। आधा दर्जन यात्री गंभीर घायल हो गए थे। अब मरने वालों की संख्या बढकऱ छह हो गई है। बुलेट वोल्वो बस श्रीगंगानगर से जयपुर जा रही थी। ओवरटेक करते समय सामने से आ रहे ट्रक से बस जा टकराई थी। इसमें छह जनों की अकाल मौत हो गई। बताया जा रहा है कि एक दिन पहले ही धर्मेेंद्र जयपुर से हनुमानगढ़ आए थे। अचानक मंगलवार को कंपनी की कोई जरूरी बैठक थी। इसमें भाग लेने के लिए वह जयपुर जा रहे थे। मोहल्ले के लोगों के अनुसार मंगलवार को जब धर्मेंद्र जयपुर के लिए रवाना हुए तो उनकी बस जंक्शन से छूट गई थी। बाद में किसी तरह टाउन जाकर उन्होंने बस पकड़ी थी। उनके दोस्तों का कहना है कि शायद जिंदगी उसे बुला रही थी। लेकिन वह मौत के नजदीक जा रहा था। अगर वह बस छूट जाती तो शायद धर्मेंद्र की जिंदगी बच जाती।

परिवार पर टूटा दु:खों का पहाड़
जानकारी के अनुसार जंक्शन निवासी धर्मेंद्र वर्मा के पिता अशोक वर्मा पीएचईडी में नौकरी करते थे। कुछ वर्ष पहले वह सेवानिवृत्त हुए थे। मृतक धर्मेद्र प्राइवेट कंपनी में नौकरी करते थे। परिवार में पत्नी के अलावा एक बेटा व बेटी है। दोनों बच्चों की उम्र 11 से 15 वर्ष के बीच बताई जा रही है। पत्नी हाउस वाइफ हैं। इस तरह धर्मेंद्र की मौत परिवार के लिए बड़ा सदमा है। परिवार पर मानो दु:खों का पहाड़ टूट गया हो।

Published on:
18 Mar 2026 08:21 pm
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