हनुमानगढ़

ऐसे लोगों से किसानों का भला होने वाला नही है, जो किसानों के दुध और सब्जीयों को सड़क पर फैंक रहे है: द्रोपदी मेघवाल

कर्जमाफी शिविर का आगाज

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Debt relief camp in hanumangarh

हनुमानगढ़़। कर्जमाफी योजना के तहत जिला का पहला शिविर सोमवार को पीलीबंगा तहसील के गांवा खोथावाली में लगाया गया, इसमें 500 से अधिक किसानों को कर्जमाफी के प्रमाणपत्र वितरित किये गये। सहकारिता मंत्री अजय सिंह क्लिक ने कहा कि कर्जमाफी से किसानों को काफी संबल मिलेगा। उन्होने कहा कि ना केवल हमारी सरकार किसानों के कर्जमाफ कर रही है बल्कि चालु सीजन में सस्ते ब्याज दर पर किसानों को फसली ऋण भी उपलब्ध करवा रही है।

उन्होने कहा कांग्रेस केवल किसान हित की बात करती है जबकि भाजपा किसान हितों से जुड़े हुये निर्णय लेकर उन्हे लगातार राहत पहुचा रही है। प्रभारी मंत्री ने कहा कि पुरे संभाग में 3 लाख से अधिक किसानों को 1000 करोड़ का कर्ज माफ किया गया है, अकेले हनुमानगढ़ के करीब एक लाख किसानों को कर्जमाफी योजना का लाभ मिलेगा। पीलीबंगा विघायक द्रोपदी मेघवाल ने आन्दोलनकारी किसानों पर निशाना साध है।

जिला कलक्टर दिनेश चंद जैन ने कर्जमाफी के निर्णय को ऐतिहासिक बताया। सहकारिता विभाग के उपरजिस्ट्रार अमीलाल सहारण व केन्द्रीय सहकारी बैक के एमडी भुपेन्द्र सिंह ज्याणी ने कहा कि कर्जमाफी योजना का लाभ पात्र किसानों को देने के लिये विभाग प्रयासरत है। उन्होने विश्वास दिलाया कि इस कार्य में कोई भी कमी नही रहने दी जायेगी। कर्जमाफी शिविर के बाद मंत्री ने प्रदेश के प्रथम मिट्टी जांच प्रयोगशाला का शुभारम्भ किया। साथ ही किसान सभागार का लोकार्पण भी किया।

राहगीरों को पिलाया शीतल शरबत
संगरिया. टैक्सी स्टेंड पर बालाजी पिकअप व अन्य चालकों ने सोमवार सुबह राहगीरों को शीतल शरबत पिलाकर पुण्यार्जन किया।

हरिपुरा में लोक गीतों से कसे तंज
संगरिया. हरिपुरा के किसानों ने चौथे दिन धरने पर लोक गीत वं कविताओं से केंद्र सरकार के खिलाफ विरोध दर्ज किया। सरजीतसिंह ने लोक गीत 'तेरे अच्छे दिन दी उड्डीक च साढे मन्दे दिन होंगे' से सरकार पर तंज कसे।

विधिक शिविर में दिया कानूनी ज्ञान
संगरिया. तालुका विधिक सेवा समिति की ओर से मानकसर ग्राम पंचायत, टोल नाका नगराना, टैक्सी स्टैंड संगरिया पर राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से पहुंचे मोबाईल वाहन व सचल लोक अदालत के माध्यम से लोगों को नालसा स्कीमों, बाल-विवाह रोकथाम, लोक व १४ जुलाई को होने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत के बारे में जानकारी दी गई। लोगों से लोक अदालतों के माध्यम से प्रकरणों का निस्तारण राजीनामा से कराने को प्रेरित किया। ये फैसले सिविल न्यायालय डिक्री समान मान्य होते हैं।

Published on:
04 Jun 2018 04:33 pm
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