हनुमानगढ़

अगले माह के शेयर का हुआ निर्धारण, नहरी पानी को लेकर बीबीएमबी चैयरमेन ने संबंधित राज्यों के प्रतिनिधियों के साथ की चर्चा

https://www.patrika.com/hanumangarh-news/ हनुमानगढ़. राजस्थान, पंजाब व हरियाणा को सितम्बर में मिलने वाले सिंचाई पानी का निर्धारण करने को लेकर शुक्रवार को बीबीएमबी की वीडियो कान्फ्रेंसिंग हुई। भाखड़ा ब्यास मैनेजमेंट बोर्ड (बीबीएमबी) की वीसी में तीनों राज्यों को अगले माह मिलने वाले नहरी पानी का शेयर निर्धारित किया गया।  

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अगले माह के शेयर का हुआ निर्धारण, नहरी पानी को लेकर बीबीएमबी चैयरमेन ने संबंधित राज्यों के प्रतिनिधियों के साथ की चर्चा

अगले माह के शेयर का हुआ निर्धारण, नहरी पानी को लेकर बीबीएमबी चैयरमेन ने संबंधित राज्यों के प्रतिनिधियों के साथ की चर्चा
-सितम्बर में भी इंदिरागांधी नहर को चार में दो समूह में चलाने जितना मिलेगा पानी
हनुमानगढ़. राजस्थान, पंजाब व हरियाणा को सितम्बर में मिलने वाले सिंचाई पानी का निर्धारण करने को लेकर शुक्रवार को बीबीएमबी की वीडियो कान्फ्रेंसिंग हुई। भाखड़ा ब्यास मैनेजमेंट बोर्ड (बीबीएमबी) की वीसी में तीनों राज्यों को अगले माह मिलने वाले नहरी पानी का शेयर निर्धारित किया गया। वीसी में राजस्थान का प्रतिनिधित्व जल संसाधन विभाग उत्तर संभाग हनुमानगढ़ के मुख्य अभियंता विनोद मित्तल ने किया। उन्होंने बताया कि पौंग बांध का जल स्तर १३७० फीट पर पहुंच गया है। इसे आमतौर पर १३८० फीट तक भरा जाता है। लेकिन इस बार इसे १३९० फीट तक भरने का आग्रह किया गया है। मुख्य अभियंता मित्तल ने बताया कि सितम्बर में राजस्थान को रावी व्यास से १३५००, सतलुज वाया पंजाब १००० व सतलुज वाया हरियाणा ८५० क्यूसेक पानी मिलेगा। इससे इंदिरागांधी नहर को तीस सितम्बर तक चार में दो समूह में चलाना संभव होगा। इससे पहले बीबीएमबी के चैयरमेन तन्मय कुमार ने बांधों के जल स्तर की समीक्षा कर संबंधित राज्यों के साथ पानी के मुद्दे पर गहनता पूर्वक चर्चा की। इस दौरान राजस्थान की तरफ से गंगकैनाल व सिद्धमुख नोहर परियोजना को मिल रहे कम पानी का मुद्दा भी उठाया गया। मुख्य अभियंता विनोद मित्तल ने कम पानी मिलने की समस्या रखी। इस पर तीनों राज्यों के मुख्य अभियंताओं की कमेटी गठित कर इसकी हकीकत जांचकर एक सितम्बर को रिपोर्ट भेजने के लिए पाबंद किया गया। कमेटी में पंजाब, हरियाणा व राजस्थान के मुख्य अभियंताओं को शामिल किया गया है। गौरतलब है कि राजस्थान को हरियाणा की तरफ से मिलने वाले नहरी पानी में करीब ३४ प्रतिशत की कमी चल रही है। इससे हनुमानगढ़ जिले के नोहर व भादरा की नहर परियोजनाएं प्रभावित हो रही है। दूसरी तरफ गंगकैनाल के कुल शेयर में ८०० क्यूसेक पानी के छीजत का मुद्दा भी उठाया गया। वॉटर मैनेजमेंट में आ रही इस कमी को दुरुस्त करने को लेकर भी चर्चा की गई।

बादलों की मेहरबानी
पौंग व भाखड़ा बांधों के जल ग्रहण वाले इलाकों में बादलों की ठीक मेहरबानी हो रही है। इसलिए पौंग बांध भराव क्षमता के नजदीक पहुंच गया है। करीब 25 दिन का समय और बचा है। मानसून के इस सीजन में इतना पानी आसानी से आने की उम्मीद है। इससे राजस्थान के किसानों को रबी सीजन के लिए भी पूरा सिंचाई पानी मिल कसेगा।

Published on:
29 Aug 2020 07:52 am
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