
हनुमानगढ़.
नगर परिषद में सफाई कर्मचारियों के भर्ती आवेदन में फर्जीवाड़ा सामने आया है। यह गड़बड़झाला अनुभव प्रमाण पत्र से जुड़ा हुआ है। फार्म की जांच में पता चला कि एक ही फर्म की ओर से करीब पौन दो सौ अभ्यर्थियों को अनुभव प्रमाण पत्र जारी किए गए हैं। इन सब पर मुहर व हस्ताक्षर भी अलग हैं।
आवेदन की जांच के बाद नगर परिषद कार्मिकों व कमेटी ने इस संबंध में फर्म मालिक से जवाब मांगा। फर्म मालिक मुकेश कुमार ने इतनी संख्या में अनुभव प्रमाण पत्र जारी करने से इनकार करते हुए इनको फर्जी बताया। इस संबंध में जंक्शन थाने में परिवाद देकर संबंधित के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने तथा सभी फार्म की गहन पड़ताल की मांग की है।
नगर परिषद से प्राप्त जानकारी के अनुसार भर्ती प्रक्रिया के तहत आए आवेदनों की जांच करते समय ज्यादातर अनुभव प्रमाण पत्र वाल्मीकि कंस्ट्रक्शन कंपनी ने जारी किए हुए सामने आ रहे थे। कर्मचारियों ने संदेह होने पर गहन पड़ताल की तो पता लगा कि एक ही फर्म के नाम के अनुभव प्रमाण पत्र पर पता अलग-अलग अंकित था।
इस पर फर्म की ओर से जारी किए गए अनुभव के बारे में जानकारी मांगी तो मालिक ने फर्जी हस्ताक्षर होने की पुष्टि की। इसके बाद फर्म के मालिक ने जंक्शन थाने में परिवाद व नगर परिषद में शिकायत पत्र देकर पूरे मामले की जांच की मांग की। गौरतलब है कि सफाई कर्मचारियों की भर्ती के लिए अभ्यर्थी के पास न्यूनतम एक वर्ष का अनुभव प्रमाण पत्र होना जरूरी है।
एक से दो हजार में बिके प्रमाण पत्र
पार्षद अनिल खीचड़ का कहना है कि फार्म की गहन जांच की जाए तो अधिकांश में फर्जीवाड़ा सामने आएगा। आवेदन के समय एक से दो हजार रुपए में फर्जी अनुभव प्रमाण पत्र बिके हैं। इन सबकी जांच होनी चाहिए। हैरत की बात है कि नगर परिषद में सफाई कर्मचारियों की भर्ती होनी है। और जांच भी परिषद कार्मिक ही कर रहे हैं। इसके लिए स्वतंत्र एजेंसी या कमेटी होनी चाहिए। अंतिम तिथि निकलने के बाद भी दबाव में कई चहेतों के फार्म में हुई त्रुटियों को अंदरखाते सही किया जा रहा है। इन सबकी जांच होनी चाहिए।
2254 फार्म जमा
134 सफाई कर्मचारियों की भर्ती के लिए 2254 फार्म जमा हुए हैं। इसमें 114 फार्म सामान्य जाति व 366 आवेदन ओबीसी के जमा हुए हैं।
एसटी के 50 व सर्वाधिक एससी वर्ग 1724 आवेदन जमा हुए हैं। इनमें 528 महिलाएं हैं। राज्य सरकार से मिली गाइडलाइन के अनुसार भर्ती की प्रक्रिया लॉटरी के माध्यम से होगी। इसमें 16 प्रतिशत एससी वर्ग, 12 प्रतिशत एसटी वर्ग, ओबीसी वर्ग 21 प्रतिशत, विशेष पिछड़ा वर्ग एक प्रतिशत तथा शेष बचे पदों पर सामान्य वर्ग के अभ्यर्थियों को भर्ती किया जाएगा। इन फार्म को ऑनलाइन फीड किया जा चुका है।
एक वार्ड 37 तो दूसरा 10
आवेदन पत्र के साथ लगाए गए अनुभव प्रमाण पत्रों पर जो मुहर लगी हुई है, उस पर लिखे पते पर वार्ड 37 का जिक्र किया हुआ है। कई जगह वार्ड 10 का। फर्म मालिक मुकेश कुमार की माने तो वह वार्ड दस का रहने वाला है। कार्यवाहक आयुक्त राजेन्द्र स्वामी ने बताया कि फर्जी अनुभव प्रमाण पत्र लगाने के कई मामले फार्म जांच के समय सामने आए हैं। फर्जी अनुभव प्रमाण पत्र लगाने वाले अभ्यर्थी के खिलाफ पहले मामला दर्ज कराया जाए या फार्म निरस्त किया जाए, इस संबंध में डीएलबी से मार्गदर्शन मांगा है। फर्जी मुहर व हस्ताक्षर वाले फार्म की छंटनी कर आगामी कार्यवाही की जाएगी।