हनुमानगढ़

अब किसानों ने उठा दी है उस चीज की मांग, जिस पर सरकार ने लगा रखी है रोक…! क्या हो पाएगी पूरी..?

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farmers demanded command area in Hanumangarh
farmers demanded command area in Hanumangarh

हनुमानगढ़। जिले में कृषि भूमि पर कॉलोनियां कटने के बाद किसान अब इसके अनुपात में कमांड एरिया बढ़ाने की मांग कर रहे हैं। इसे लेकर किसानों का प्रतिनिधि मंडल सोमवार को जल संसाधन विभाग के अधिकारियों से मिला। किसानों का कहना था कि कमांड एरिया में जब कॉलोनियां कट गई हैं, तो फिर इसका पानी जो बचता है, वह वंचित किसानों को दिया जाए। जिससे नहरी पानी का लाभ खेती करने वाले किसानों को मिल सके। इस मांग को लेकर किसान अधीक्षण अभियंता लखपत राय से मिले। उन्होंने कहा कि कमांड प्रक्रिया पर सरकार ने रोक लगा रखी है। सरकार से मार्गदर्शन लेकर आगे की प्रक्रिया पूरी करेंगे।


किसान दे चुके हैं गिरफ्तारियां
संपूर्ण कर्जा माफी, फसल बीमा क्लेम, फसलों के लाभकारीदाम देने, सस्ती बिजली, नहरों में पूरा पानी, शिक्षा के बाजारीकरण को रोकने आदि मुद्दों को लेकर गुरुवार को किसानों की ओर से सामूहिक गिरफ्तारियां दी गईं। हनुमानगढ़ में माकपा, डीवाईएफआई तथा एसएफआई कार्यकर्ताओं ने कलक्ट्रेट के समक्ष विरोध प्रदर्शन किया। केंद्र व राज्य सरकार की किसान व नौजवान विद्यार्थी विरोधी नीतियों की आलोचना की। राष्ट्रपति के नाम प्रशासन को ज्ञापन सौंप सामूहिक गिरफ्तारियां दीं।


किसानों को कंगाल बना रही सरकार
इससे पूर्व सभा में वक्ताओं ने कहा कि सरकार किसानों को कंगाल बना रही है और बीमा कंपनियां चांदी कूट रही है। फसल बीमा प्रीमियम बढ़ाकर किसानों के लिए स्थिति कोढ़ में खाज जैसी कर दी है। बीमा कंपनियां व बैंक मोटी रकम वसूलने के बावजूद किसानों को क्लेम का भुगतान नहीं कर रही। अजीब शर्तें लगाकर प्रीमियम में बढ़ोतरी की गई है। इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। रोजगार के नाम पर युवाओं को पकौड़े तलने को कहा जा रहा है। अगर जल्द मांगों पर गौर नहीं किया गया तो आंदोलन तेज किया जाएगा। गिरफ्तारी देने वालों में माकपा सचिव रघुवीर वर्मा, छात्रसंघ अध्यक्ष महेंद्र शर्मा, एसएफआई जिलाध्यक्ष नासिर खान, विनोद कुमार वर्मा, विंद्र सिंह, हीरालाल, बीएस पेंटर आदि शामिल रहे।

किया था जनसंपर्क

आपको बता दें कि इससे पहले भारतीय किसान सभा के पूर्व जिला अध्यक्ष रामकुमार नुकेरा, नौजवान सभा सचिव हरिकृष्ण राहड़, भूपेंद्र धालीवाल, रणवीर कड़वासरा, सुधीर बिश्रोई, शंकरलाल वर्मा आदि ने मंगलवार को भगतपुरा, ढाबां, दीनगढ़, भाखरांवाली व चक हीरासिंहवाला आदि गांवों में जाकर किसानों से जन संपर्क किया था। उन्होंने किसानों से आंदोलन में अधिकाधिक तादाद में पहुंचने की अपील करते हुए कहा था कि ये सरकार किसान हितैषी नहीं है। किसान कर्ज के बोझ तले दब रहा है वहीं फसल बीमा के नाम पर लूटा जा रहा है। किसान अपनी मांगों को लेकर लंबे समय से संघर्षरत हैं, बावजूद इसके सुनवाई नहीं हो रही। जिससे किसान वर्ग में आक्रोश फैला हुआ है। आंदोलन को माकपा, एसएफआई, जनवादी नौजवान सभा ने समर्थन दिया है।


किसान हो रहे परेशान
आपको बता दें कि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत खरीफ 2018 में फसल बीमा प्रीमियम में की गई बढ़ोतरी से किसान परेशान हो रहे हैं। सिंचित क्षेत्र में गारंटीड उपज प्रत्येक वर्ष कम कर किसानों की लूट बंद करने की मांग को लेकर किसानों का प्रतिनिधिमंडल कलक्टर दिनेशचंद्र जैन से मिला था।


इस मौके पर प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री के नाम का ज्ञापन कलक्टर को सौंपा। जिसमें सिंचित क्षेत्र की कपास एव धान की फसल को बीमा योजना से बाहर करने की मांग की। साथ ही प्रतिनिधिमंडल ने संशोधित राष्ट्रीय फसल बीमा योजना 2015 में लागू होने से लेकर 2018 तक कि गई प्रीमियम वृद्धि को किसानों पर डाका बतलाया। समस्याओं का समाधान नहीं होने पर किसानों ने 20 अगस्त को जिला कलक्ट्रेट पर प्रदर्शन करने की चेतावनी दी थी।

Published on:
13 Aug 2018 02:27 pm