
-अधिकारियों की समझाइश पर माने ग्रामीण
टिब्बी. पिछले वर्ष खरीफ की फसल में हुए खराबे के मुआवजे की मांग को लेकर क्षेत्र के गांव खिनानियां के किसानों ने बुधवार को गांव के अटल सेवा केन्द्र के समक्ष धरना दिया तथा प्रदर्शन किया तथा फसल खराबे के मामले में सर्वे के लिए पहुंचे पटवारी व गिरदावर को किसानों ने अटल सेवा केन्द्र में बंद कर दिया लेकिन बाद में अधिकारियों की समझाइश पर दरवाजा खोल दिया। जानकारी के अनुसार किसान खिनानियां क्षेत्र में वर्ष 2018 में खरीफ की फसल के पूर्णतया खराब होने के मुआबजे की मांग कर रहे थे।
ग्रामीणों का आरोप था कि किसान पिछले सात-आठ माह से लगातार फसल खराबे के मुआबजे की मांग कर रहे है। लेकिन उनकी सुनवाई नही हो रही। पूर्व सरपंच छोटूराम कासनियां के अनुसार खरीफ फसल के खराबे का नोहर, रावतसर व भादरा के किसानों को तो मुआवजा मिल गया लेकिन टिब्बी तहसील के बारानी गांव खिनानियां के किसान इससे वंचित है।
मुआवजे की मांग को लेकर उच्चाधिकारियों को बार बार ज्ञापन देने के बाद बुधवार को पटवारी व गिरदावर की टीम फसल खराबे का सर्वे करने गांव के अटल सेवा केन्द्र पर पहुंची लेकिन आक्रोशित किसानों ने पटवारी व गिरदावर को अटल सेवा केन्द्र में बंद कर दिया। तथा अटल सेवा केन्द्र के आगे धरना लगाकर बैठ गए। सूचना मिलने पर नायब तहसीलदार सुमन राठौड़ व तलवाड़ा झील पुलिस मौके पर पहुंची तथा समझाइश कर ताला खुलवाया। ग्रामीणों ने समझाइश पर ताला तो खोल दिया लेकिन तहसीलदार के मौके पर आने तक किसी को बाहर नही जाने देने की चेतावनी दे दी।
बाद में टिब्बी तहसीलदार मांगेराम पूनियां व टिब्बी पुलिस मौके पर पहुंची। बाद में तहसीलदार ने किसानों की मांग अनुसार फसल खराबे की रिर्पोट तैयार करवा कर जिला कलेक्टर को भिजवाने का आश्वासन दिया जिसके बाद किसानों ने आंदोलन स्थगित किया। इस दौरान पूर्व सरपंच छोटूराम कासनियां, रामकुमार पिलानिंया, वेदप्रकाश, चंदूराम, भरत, कृष्ण लाल सहित भारी तादाद में किसान मौजूद थे।