हनुमानगढ़

विदेश में दिल दिया, शादी के लिए चुना राजस्थान: संगरिया में एक-दूजे के हुए इंजीनियर दिव्या ज्योति और रोमेन

न्यूजीलैंड में हुई मुलाकात के बाद फ्रांस के रोमेन और संगरिया की दिव्या ज्योति ने शादी की। 2 नवंबर को ताज पैलेस में सात फेरे लिए। फ्रांस से आए 10-12 बाराती राजस्थानी धुनों पर जमकर थिरके।
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Updated: 6 Nov 2026, 4:23 PM IST
hanumangarh french groom
संगरिया में एक-दूजे के हुए इंजीनियर दिव्या ज्योति और रोमेन (पत्रिका फोटो)

संगरिया (हनुमानगढ़): बैंड-बाजे की धुन, नाचते बाराती और सड़कों पर उमड़ा कौतूहल… लेकिन इस बार संगरिया की बारात कुछ खास थी। बारात में शामिल चेहरे विदेशी थे। फ्रांस से आए दूल्हे रोमेन के साथ पहुंचे उनके रिश्तेदार जब भारतीय और राजस्थानी धुनों पर थिरकते हुए संगरिया के बाजार से गुजरे तो देखने वाले भी ठिठक गए। किसी ने इस अनूठी बारात को कैमरे में कैद किया तो किसी के लिए यह चर्चा का विषय बन गई। मौका था संगरिया की बेटी दिव्या ज्योति के विवाह का, जिसने सात समंदर पार फ्रांस में अपना जीवनसाथी चुना और विवाह के लिए अपनी जन्मभूमि संगरिया को चुना।

ग्वालियर से गुरुग्राम, नोएडा और फिर न्यूजीलैंड तक का सफर

वार्ड 13 निवासी एवं मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी कार्यालय से सेवानिवृत्त पुरुषोत्तम सिंह और राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय भगतपुरा में शिक्षिका गीता गोयल की पुत्री दिव्या ज्योति ने ग्वालियर से बीटेक में आईटी विषय की पढ़ाई की। इसके बाद गुरुग्राम में आईबीएम और नोएडा में एचसीएल में नौकरी की। आगे चलकर वह न्यूजीलैंड में कार्यरत हुईं। इसी दौरान उनकी मुलाकात फ्रांस निवासी रोमेन से हुई, जो मैकेनिकल इंजीनियर हैं। मुलाकात और परिचय के बीच दोनों एक-दूसरे को पसंद करने लगे। धीरे-धीरे यह पसंद जीवनभर साथ निभाने के फैसले में बदल गई।

एक साल तक परिवारों में चली बातचीत

दोनों ने करीब एक वर्ष पहले अपने परिवारों को अपनी पसंद और विवाह की इच्छा बताई। अलग-अलग देशों और सांस्कृतिक परिवेश से जुड़े होने के कारण परिवारों के बीच बातचीत और एक-दूसरे को समझने का सिलसिला चला। आखिरकार बच्चों की खुशी को प्राथमिकता देते हुए दोनों परिवार विवाह के लिए सहमत हो गए। तय हुआ कि विवाह भारतीय संस्कृति और सनातन परंपराओं के अनुसार संगरिया में ही होगा।

बारात में विदेशी मेहमानों का देसी अंदाज

फ्रांस से पहुंचे 10-12 मेहमान

विवाह में शामिल होने के लिए रोमेन के साथ फ्रांस से करीब 10-12 बाराती संगरिया पहुंचे। विदेशी मेहमानों को चार-पांच दिन तक हनुमानगढ़ के होटल में ठहराया गया। इस दौरान उन्होंने भारतीय विवाह की रस्मों और स्थानीय संस्कृति को करीब से देखा और समारोह के प्रत्येक आयोजन में उत्साह से भाग लिया।

मेहंदी से पाणिग्रहण तक निभाई भारतीय परंपरा

सेवानिवृत्त शिक्षाधिकारी भूपेंद्र सिंह सुथार ने बताया कि ताज पैलेस में 2 नवंबर को विवाह समारोह आयोजित हुआ। मेहंदी सहित मांगलिक रस्में पारंपरिक ढंग से संपन्न हुईं। पाणिग्रहण संस्कार सहित सनातन धर्म की विवाह परंपराओं के अनुसार दिव्या ज्योति और रोमेन ने सात फेरे लेकर एक-दूसरे को जीवनसाथी के रूप में स्वीकार किया। फ्रांस से आए मेहमानों के लिए भारतीय विवाह की रस्में और उनका पारिवारिक एवं सांस्कृतिक महत्व भी विशेष अनुभव रहा।

बारात में विदेशी मेहमानों का देसी अंदाज

विवाह का सबसे आकर्षक दृश्य संगरिया के बाजार से निकली बारात के दौरान देखने को मिला। बैंड की धुन पर फ्रांस से आए बाराती भी पूरे देसी अंदाज में नाचते नजर आए। विदेशी मेहमानों को भारतीय संगीत पर झूमते देख बाजार में लोगों की भीड़ जुट गई। रवि पारीक और नवीन पारीक ने बताया कि बारात ने न केवल विवाह समारोह की रौनक बढ़ाई, बल्कि शहरवासियों के लिए भी एक यादगार नजारा पेश किया।

न्यूजीलैंड में शुरू हुआ परिचय फ्रांस और भारत के दो परिवारों को एक रिश्ते में जोड़ गया। इस विवाह की खासियत सिर्फ दो अलग-अलग देशों के युवक-युवती का एक होना नहीं, बल्कि यह भी रहा कि विदेश में जीवनसाथी चुनने के बावजूद दिव्या और रोमेन ने अपने विवाह के लिए संगरिया की धरती और भारतीय परंपराओं को चुना।

इनपुट: कपिल करवा

Updated on:
6 Nov 2026, 4:23 PM IST
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